पूरनपुर/मझोला/पूरनपुर। जिले में कुत्ता और बिल्ली के काटने के मामले बढ़ रहे हैं। इनमें भी आवारा कुत्तों के काटने की घटनाएं सबसे ज्यादा हैं। सरकारी अस्पतालों में एंटी रैबीज वैक्सीन उपलब्ध रहने से ऐसे मरीजों को टीका लगने में कोई समस्या नहीं आ रही है। पूरनपुर सीएचसी में प्रतिदिन कुत्ता काटने के औसतन 40 मरीज एआरवी लगवाने के लिए पहुंचते हैं। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. मनीष राज शर्मा ने बताया कि अप्रैल महीने में 700 से अधिक लोगों ने सीएचसी पहुंचकर एआरवी लगवाया। पिछले साल अप्रैल से इस साल अप्रैल तक करीब 15 हजार लोग एआरवी लगवाने सीएचसी पहुंचे। उन्होंने बताया कि सीएचसी में पर्याप्त मात्रा में एआरवी की डोज है।
मझोला में गर्मी के मौसम के चलते प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गुलरिया भंडारा में कुत्ते और बिल्लियों के काटने के मरीजों की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अस्पताल में पहली जनवरी से 30 अप्रैल तक लगभग 203 लोगों को एआरवी (एंटी रैबीज वैक्सीन) लगाई गई है। अस्पताल के फार्मासिस्ट प्रहलाद कुमार ने बताया कि रोजाना दो से चार लोग कुत्ते या बिल्ली के काटने के बाद टीकाकरण कराने के लिए स्वास्थ्य केंद्र पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि सबसे अधिक मामले आवारा कुत्तों के काटने के सामने आए हैं। बिल्लियों के काटने पर भी लोगों का टीकाकरण किया गया है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। मरीज के स्वास्थ्य केंद्र पहुंचते ही उन्हें टीका लगाया जाता है।
वहीं, न्यूरिया क्षेत्र में कुत्ता काटने के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. सहज पाल सिंह ने बताया कि अस्पताल में एंटी रैबीज इंजेक्शन की कोई कमी नहीं है। अप्रैल माह में कुल 209 मरीजों को कुत्ता काटने के बाद एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाए गए। संवाद