पीलीभीत। मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में तैनात चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस को लेकर शासन सख्त हो गया है। डीएम को पत्र भेजकर 20 फरवरी तक इन चिकित्सकों की रिपोर्ट मांगी है। निजी प्रैक्टिस करने वाले चिकित्सकों पर कार्रवाई की संस्तुति करने की बात भी कही गई है।
जिले के मेडिकल कॉलेज व अस्पतालों में तैनात चिकित्सक निजी प्रैक्टिस कर रहे हैं। पूर्व में कई मामले भी सामने आए। मेडिकल कॉलेज में तैनात एक दंपती चिकित्सक की निजी प्रैक्टिस का मामला पूर्व में सोशल मीडिया पर सुर्खियों पर रहा था।
ड्यूटी के समय भी निजी प्रैक्टिस की बात कही गई थी। कई अन्य चिकित्सकों की ओर से निजी प्रैक्टिस की बात भी सामने आई है। पूर्व में सीएमओ ने चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने को लेकर निर्देश भी जारी किए थे।
पिछले दिनों उच्च न्यायालय ने एक मामले की सुनवाई करते हुए सख्त आदेश दिया। इसके बाद शासन की ओर से आदेश जारी हुए थे। शासन के आदेश के बाद भी निजी प्रैक्टिस पर शिकंजा कसने के लिए हर जिले में डीएम की अध्यक्षता में सतर्कता समिति का गठन किया गया था। अब चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण व चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर निजी प्रैक्टिस में लिप्त चिकित्सकों के विरुद्ध की गई कार्रवाई की सूचना मांगी है। अब निजी प्रैक्टिस करने वाले चिकित्सकों के विरूद्ध विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।