पूरनपुर। नगर में करीब 7.34 करोड़ की लागत से 50 बेड का महिला चिकित्सालय तो बना दिया गया, लेकिन शासन से चिकित्सक और स्टाफ की तैनाती नहीं हो सकी। संविदा चिकित्सक के सहारे संचालित महिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं सिर्फ कागजों पर ही चकाचक हैं। नाम के लिए सीएचसी में तैनात दो चिकित्सकों को महिला चिकित्सालय से संबद्ध किया गया। इसमें से एक चिकित्सक कई दिनों से अवकाश पर है। दूसरे की सीएचसी मेंं ड्यूटी होने से वह नियमित नहीं पहुंच पा रही हैं।
पूरनपुर देहात ग्राम पंचायत मेंं महिला चिकित्सालय भवन को ध्वस्त कराकर नया भवन बनाया गया। भवन को करीब ढ़ाई साल पहले हैंडओवर किया गया था। विगत 17 फरवरी को महिला चिकित्सालय में एमसीएच (मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य) विंग का शुभारंभ किया गया। तब सीएचसी में प्रसव सुविधा को बंद कर महिला चिकित्सालय में शुरू की गई। शासन से चिकित्सकों और अन्य स्टाफ की तैनाती नहीं हुई। ऐसे में सीएचसी से कुछ स्टाफ और संविदा चिकित्सक और कर्मचारियों के सहारे संचालित किया जा रहा। तीन मंजिल बने चिकित्सालय में लिफ्ट भी लगवाई गई। अब तक एक दिन भी लिफ्ट नहीं चली। हेल्थ एटीएम भी लगाया, फिर भी नाममात्र की जांचे हो रहीं हैं। महिला चिकित्सालय में प्रसव की सुविधा शुरू करने और सीएचसी में बंद करने पर प्रसव का ग्राफ नीचे आ गया। परिणाम स्वरूप सीएचसी में फिर से प्रसव की सुविधा शुरू कर दी गई।
वर्जन
महिला चिकित्सालय में संविदा महिला चिकित्सक डॉ. मुनीता सिंह की तैनाती है। सीएचसी में तैनात डॉ. प्रियंका गौतम को महिला चिकित्सालय में ओपीडी करने को भेजा जाता है। अन्य तैनात महिला चिकित्सक छुट्टी पर चल रही है। महिला चिकित्सालय में स्टाफ की तैनाती को कई बार पत्राचार किया जा चुका है।
डॉ. मनीष राज शर्मा, प्रभारी चिकित्साधिकारी, सीएचसी