पीलीभीत। डीएम ज्ञानेंद्र सिंह की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को गांधी सभागार में जिला स्तरीय गो-आश्रय स्थल अनुश्रवण एवं मूल्यांकन समिति की बैठक हुई। बैठक में डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हरे चारे व फॉगिंग की दैनिक रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करें। साथ ही शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में घूम रहे आवारा व निराश्रित गोवंशों को पकड़कर गौ आश्रय स्थलों में संरक्षित किया जाए।
उन्होंने सभी गौ-आश्रय स्थलों के सीसीटीवी कैमरों का एक वर्ष के लिए रिचार्ज कराने तथा जिन आश्रय स्थलों पर विद्युत कनेक्शन नहीं है, वहां शीघ्र बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। वर्षा ऋतु को देखते हुए आश्रय स्थलों में विशेष साफ-सफाई, फॉगिंग और मृत गोवंशों के नियमानुसार शव निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा। डीएम ने गोवंशों के भरण-पोषण के लिए समय पर भूसा, हरा चारा, चोकर और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही गोबर व गोमूत्र के उपयोग से गो-आश्रय स्थलों को आत्मनिर्भर बनाने, हरा चारा उगाने वाले किसानों से एमओयू कर चारे की व्यवस्था करने तथा बीमार, छोटे और कमजोर गोवंशों के लिए अलग व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए। साथ ही जिला पंचायत राज अधिकारी और सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि गो-आश्रय पोर्टल पर प्रतिदिन गोवंशों की फीडिंग की जाए और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।