डीएम की जिला अस्पताल में करीब तीन घंटे तक चली छापामार कार्रवाई के दौरान तमाम खामियां उजागर हुईं। डॉक्टरों के बाहर से दवाएं लिखने की जानकारी होने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। मरीजों से रुपये ऐंठने की शिकायत पर डीएम ने एक स्वास्थ्य कर्मी की जमकर लताड़ लगाई। इस दौरान वहां मौजूद एक कथित नेता को डीएम ने दौड़ा लिया।
डीएम मासूम अली सरवर अपने अमले के साथ गुरुवार पूर्वान्ह करीब 11.15 बजे पुरुष अस्पताल पहुंचे। ओपीडी में पहुंचकर मरीजों से दवा के बाबत बातचीत की। डॉ. पीके मिश्र, डॉ. सीबी चौरसिया, डॉ. केके शर्मा, डॉ. पीके अग्रवाल के रूम में पहुंचकर उनकी ओपीडी और संसाधनों की उपलब्धता के बारे में बातचीत की। निरीक्षण के दौरान एक मरीज से बाहर से दवा मंगवाने पर डॉक्टर ने अस्पताल में टाइफाइड की दवा न होने की जानकारी दी। यह सुनकर डीएम और सिटी मजिस्ट्रेट अवाक रह गए। इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टरों की उपलब्धता के बारे में सीएमएस से जानकारी की। यहां उन्होंने ड्यूटी रजिस्टर भी चेक किया। स्ट्रेचर भी देखे। एक्स-रे रूम और जनरल वार्ड का भी निरीक्षण कर मरीजों से पूछताछ की। वार्ड में एक कैदी के भर्ती होने पर उन्होंने सीएमएस से जेल अस्पताल की स्थिति के बारे में पूछा और कैदी का नाम नोट करने को कहा। महिला अस्पताल में भी ओपीडी, अल्ट्रासाउंड कक्ष आदि का निरीक्षण किया। अस्पताल में एक महिला ने डीएम से इलाज के नाम पर रुपये लेने की शिकायत की। इस पर वह स्किन स्पेशलिस्ट डॉ. एसपी सिंह के कक्ष में धमके और वहां मौजूद स्वास्थ्य कर्मी की जमकर फटकार लगाई। कक्ष में बैठे एक कथित नेता को डीएम ने दौड़ा लिया। निरीक्षण में सिटी मजिस्ट्रेट जेके शर्मा, न्यायिक नायब तहसीलदार अरुणमणि त्रिपाठी, सीएमएस डॉ. आरसी शर्मा, डॉ. अनीता चौरसिया मौजूद रहे।
कुपोषित बच्चों के खाने को चखकर देखा
डीएम ने पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती बच्चों की माताओं से इलाज के बाबत पूछताछ की। बच्चों के लिए तैयार किए गए खाने को भी चखकर देखा। दाल में पानी की अधिक मात्रा मिलने पर उन्होंने रसोइया को चेतावनी दी। डॉ. नीता सक्सेना और न्यूट्रीशियन से बच्चों को दी जाने वाली डाइट के बारे में पूछा।
जिला अस्पताल के निरीक्षण में खामियां मिली हैं। जल्द ही डॉक्टरों के साथ बैठक कर समस्याओं के कारणों की जानकारी की जाएगी। इसके बाद सुधार के प्रयास किए जाएंगे।
- मासूम अली सरवर, डीएम