रामपुर में बाल्मीकी बस्ती के उजाड़ने के विरोध में वाल्मीकि समुदाय के
लोगों ने नारेबाजी कर डीएम रामपुर का पुतला फूंका। प्रदर्शनकारियों ने
मुख्यमंत्री से रामपुर के जिलाधिकारी को बर्खास्त कराने की भी मांग की।
उत्तर
प्रदेशीय सफाई मजदूर महासंघ के तत्वावधान में तमाम वाल्मीकि समुदाय के लोग
सोमवार को बिजलीघर चौराहा पर एकत्र हुए। महासंघ के जिलाध्यक्ष विकास
वाल्मीकि के नेतृत्व में लोगों ने रामपुर में शॉपिंग माल बनाने को लेकर
वाल्मीकि बस्ती उजाड़ने के विरोध में जमकर नारेबाजी की। जिलाध्यक्ष ने कहा
कि समाज के साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है। देश की आजादी में कुर्बानी
देने वाले के बदले समुदाय को असमानता व छुआछूत का दंश झेलना पड़ रहा है।
उन्हाेंने
कहा कि समाज के लोग को अब एकजुट होना पड़ेगा। रामपुर की घटना को लेकर
वाल्मीकि समुदाय आंदोलन करेगा। यदि सप्ताह भर के भीतर आदेश वापस नहीं लिया
गया तो नगर निकायों में काम बंद हड़ताल की जाएगी। इसके बाद प्रदर्शनकारियों
ने नारेबाजी कर साथ लाए डीएम रामपुर के पुतले को आग के हवाले कर दिया।
पुतला
दहन करने वालों में अध्यक्ष जग्गोदेवी, आजेश बाल्मीकी, शाशि, साहिल,
मुकेश बाल्मीकी, दिनेश, कुलदीप बाल्मीकी, मान सिंह, अजय चंद्रवंशी, निरंजन
बाल्मीकी, अभिषेक, सनी, शिवम, योगेश, अजय, जयलाल, छोटेलाल, शेर सिंह, रजत,
रामू, रमेशचंद्र, बिट्टनलाल, राजीव बाल्मीकी आदि शामिल रहे।