यूपी
बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं के चल रहे मूल्यांकन कार्य में डीआईओएस ने एक
बार फिर खामियां पकड़ ली। उन्होंने एक परीक्षक को डिबार करने की संस्तुति
की है, जबकि 11 परीक्षकों को कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
शहर के
ड्रमंड राजकीय इंटर कॉलेज और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में बोर्ड परीक्षा
की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य चल रहा है। सोमवार को डीआईओएस जेके
वर्मा ने राजकीय बालिका इंटर कॉलेज मूल्यांकन केंद्र का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान कई उत्तर पुस्तिकाओें के योग में भारी अंतर पाया गया।
सीएंडजे इंटर कॉलेज के शिक्षक नवलकिशोर द्वारा जांची गई तीन कॉपियों के योग
में काफी अंतर पाया गया।
डीआईओएस ने बताया कि परीक्षक नवल किशोर
द्वारा जांची गई नागरिक शास्त्र विषय की एक कॉपी में भीतर 24 अंक दिए गए
थे, जबकि बाहर 18 अंक अंकित किए गए। दूसरी अज्ञैर तीसरी कॉपी के योग में भी
बड़ा अंतर पाया गया। उन्होंने बताया कि परीक्षक नवलकिशोर की बड़ी लापरवाही
मिलने के चलते उन्हें डिबार करने की संस्तुति माध्यमिक शिक्षा परिषद की जा
रही है। उनके पारिश्रमिक से 85 प्रतिशत कटौती की जाएगी।
उन्होंने
बताया कि 11 परीक्षकों की कॉपियों का भी गहनता से परीक्षण किया गया तो
उनमें भी खामियां पाई गईं। उन्होंने बताया कि आरती डिग्री कॉलेज मीरपुर के
अभिषेक कुमार, महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज ज्योरहा कल्याणपुर के चंद्रपाल
गंगवार, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज बीसलपुर के भगत सिंह व अजयवीर,
एसआरएम इंटर कॉलेज बीसलपुर के पीके गुप्ता, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर
कॉलेज पूरनपुर के राजेंद्र सिंह व अवधेश कुमार, अंगूरी देवी बालिका इंटर
कॉलेज की रत्ना सिंह, जोगीठेर के शकील अहमद, शिशु बिहार इंटर कॉलेज बीसलपुर
के ओमप्रकाश राठौर व राम इंटर कॉलेज की सरला राठौर को कठोर चेतावनी दी गई
है। उन्होंने बताया कि इन सभी के द्वारा यदि मूल्यांकन कार्य में लापरवाही
बरतना पाया गया तो डिबार करने की कार्रवाई की जाएगी।
16 तक निपटाना होगा मूल्यांकन कार्य
शासन
ने यूपी बोर्ड परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य 16 अप्रैल
तक निपटाने के निर्देश दिए हैं। डीआईओएस जेके वर्मा ने बताया कि पूर्व में
18 अप्रैल तक मूल्यांकन कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए थे। इधर अब शासन
ने पुन : आदेश जारी करते हुए 16 अप्रैल तक मूल्यांकन कार्य पूरा कराने के
आदेश दिए हैं। जीआईसी मूल्यांकन केंद्र में करीब 20752 व जीजीआईसी में
45000 कॉपियों का मूल्यांकन होना शेष है।