पीलीभीत। डीएम पुलकित खरे पिछले कई दिनों से कलक्ट्रेट परिसर स्थित कार्यालयों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं। पूर्व में कमियां मिलने पर कई कर्मचारियों का वेतन भी रोका जा चुका है। बृहस्पतिवार को भी डीएम ने भूलेख अनुभाग, बिल और स्टांप अनुभाग का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं परखीं। अभिलेख अधूरे मिलने पर दो कर्मचारियों का वेतन रोका।
स्टांप कार्यालय में वसूली रजिस्टर, लाइसेंस धारक रजिस्टर, गार्ड समेत कई पत्रावलियों को देखा। स्टांप वसूली रजिस्टर में बीते तीन माह का आंकड़ा चेक किया गया। इस दौरान नवंबर के वसूली के एक मामले में चालान कार्यवाही कर आरसी जारी कराने के निर्देश दिए। गार्ड पत्रावली में 2019 के शासनादेशों की संख्या कम होने पर जांच के निर्देश दिए। स्टांप विक्रेताओं के पंजीकरण, नवीनीकरण की संख्या में भी अंतर मिला। डीएम ने जांच कराने के निर्देश दिए। यह भी कहा कि निर्धारित शर्तों का भी सत्यापन किया जाए। बिल पटल पर डीएम ने धर्मेंद्र कुमार, विपिन कुमार पांडेय की सेवा पुस्तिका और अश्विनी कुमार, ज्वाला प्रसाद की जीपीएफ पासबुक की जांच की। जीपीएफ पासबुक अपडेट नहीं थी। इसे दुरुस्त करने को कहा गया। भूलेख अधिकारी कार्यालय में गार्ड पत्रावली, मृतक आश्रित, दाखिला, ऑडिट, पेंशन आदि रजिस्टर अधूरे मिले। 2017 से गार्ड पत्रावली अपडेट न होने पर नाराजगी जताई। पटल सहायक राधे किशन और मोहन कुमार का वेतन रोकने के निर्देश दिए। 15 दिन में अभिलेख दुरुस्त न होने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।