डीएम ने भ्रष्टाचार की शिकायत पर बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखा कार्यालय में छापा मारा। तमाम गड़बड़ियां सामने आने पर डीएम ने कार्यालय सील करा दिया। बीएसए कार्यालय में निरीक्षण के दौरान 11 कर्मचारी नदारद मिले। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका स्कूल के निरीक्षण में भी वार्डन समेत पांच कर्मचारी गैरहाजिर मिले। हॉस्टल में अव्यवस्थाएं पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई।
डीएम मासूम अली सरवर ने सोमवार दोपहर करीब दो बजे वित्त एवं लेखा कार्यालय में छापा मारा। यहां तैनात दोनों लिपिक नदारद मिले। कार्यालय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के हवाले मिला। इस पर डीएम ने अपने सामने लेखा कार्यालय सील करा दिया। इसके बाद उन्होंने बीएसए कार्यालय पहुंचकर उपस्थिति रजिस्टर तलब कर एक-एक कर्मचारी की हाजिरी लगाई। यहां वरिष्ठ लिपिक संजय सिंह, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी लल्लूराम, मंजू, मोहित कुमार समेत सात बिल लिपिक गैरहाजिर मिले। डीएम को वरिष्ठ लिपिक के बीमार मां को देखने बरेली जाने की जानकारी दी गई। मंजू का अवकाश प्रार्थनापत्र तो मिला, लेकिन वह बीएसए द्वारा स्वीकृत होना नहीं पाया गया। डीएम ने यहां उपस्थिति रजिस्टर के अलावा सर्व शिक्षा अभियान, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, उप जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और एमडीम के अभिलेखों का भी निरीक्षण किया। इसके बाद डीएम कैंपस में स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय पहुंचे। यहां वार्डन कहकशा परवीन, लेखाकार मोहम्मद वसीम, शिक्षिका रजनीबाला और दो रसोइया नदारद मिलीं। डीएम ने छात्राओं से नाश्ता, भोजन और पढ़ाई के बारे में जानकारी की। रसोइया ने डीएम को 64 छात्राओं के लिए नाश्ते में मात्र डेढ़ किलो चना बनने की बात बताई। इसे सुनकर डीएम अवाक रह गए। उन्होंने कड़ी नाराजगी जताते हुए स्टाक रजिस्टर समेत अन्य अभिलेख तलब किए। मौजूद स्टाफ ने अभिलेख अलमारी में बंद होने की जानकारी दी। इस पर डीएम ने पहले तो ताला तोड़ने के निर्देश दिए, लेकिन बाद में मना कर दिया। हॉस्टल में प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त नहीं मिली। निरीक्षण के बाद डीएम ने बताया कि लेखा विभाग को सील किया गया है। इसकी जांच कराई जाएगी। बीएसए अंबरीष यादव ने बताया कि बा स्कूल की वार्डन और लेखाकार का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट जितेंद्र शर्मा, टीओ महामिलिंद लाल, समन्वयक राकेश पटेल, मनीष श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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11 का वेतन रोका, तीन कर्मचारी निलंबित
पीलीभीत। बीएसए कार्यालय व वित्त एवं लेखाकार कार्यालय में छापेमारी के दौरान गायब मिले कर्मचारियों पर देर शाम कार्रवाई की गई। डीएम मासूम अली सरवर ने बताया कि बीएसए कार्यालय में गैरहाजिर मिले 11 कर्मचारियों का एक दिन को वेतन रोका गया है। वहीं वित्त एवं लेखा विभाग के प्रभारी व वरिष्ठ कोषाधिकारी महामिलिंद लाल ने बताया कि लेखा कार्यालय में अनुपस्थित मिले लेखाकार ओमप्रकाश का स्पष्टीकरण तलब किया गया है, जबकि तीन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी क्रमश जगदीश प्रसाद, शाइस्ता व रामबहादुर को निलंबित किया गया है।
शिक्षक नेताओं की शिकायत पर हुई छापामारी
प्राथमिक शिक्षक संघ के नेताओं का दावा है कि उन्होंने लेखा कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार की शिकायत डीएम से कई थी। इसके बाद ही कार्यालय में डीएम ने छापामारी की है। संघ के ब्लाक अध्यक्ष मियां मोहम्मद मनाजिर ने बताया कि शिक्षक नेताओं की ओर से डीएम को लेखा कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार, मार्च माह का वेतन न मिलने, एकाउंटेंट द्वारा शिक्षकों के शोषण आदि के संबंध में ज्ञापन सौंपा गया था। इधर, यूटा के जिला संयोजक फुरकान हाशमी ने बताया कि लेखा विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार की शिकायत पहले भी डीएम से की गई थी।