डीएम/कंट्रोलर मासूम अली सरवर शनिवार को उपाधि महाविद्यालय का हॉल देख दंग रह गए। निरीक्षण के दौरान उन्हें स्टाफ नदारद मिलने के साथ तमाम खामियां मिलीं। जिस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। छात्रनेताओं की भी समस्याएं सुनी। उन्होंने महाविद्यालय में जल्द ही अमूलचूल परिवर्तन होने के संकेत दिए।
डीएम ने प्रशासनिक अमले के साथ शनिवार दोपहर महाविद्यालय में छापेमारी की। प्राचार्य कक्ष में पहुंचकर उन्होंने उपस्थिति रजिस्टर तलब किया। उपस्थित प्रवक्ताओं व कर्मचारियों के बारे में जानकारी ली। इस दौरान अधिकतर प्रवक्ता व कर्मचारी नदारद मिले। जिस पर उन्होंने कार्यालय अधीक्षक से उपस्थिति रजिस्टर की फोटोकॉपी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने कक्षाओं का निरीक्षण किया। कक्षाओं में पड़ी मेज कुर्सियों पर जमा धूल देख उन्होंने नाराजगी जताई। छत पर बनी कक्षाओं का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने केमिस्ट्री व फिजिक्स लैब का भी निरीक्षण किया और इस बाबत प्रवक्ताओं से बातचीत भी की। महाविद्यालय परिसर का निरीक्षण करने के दौरान उन्हें तमाम खामियां देखने को मिली। निरीक्षण के बाद उन्होंने बताया कि महाविद्यालय की हालत बेहद खस्ता है। स्टाफ व सहायक स्टाफ ही नदारद है। कुल मिलाकर महाविद्यालय में अमूलचूल परिवर्तन किया जाएगा। डीएम के निरीक्षण को लेकर कॉलेज स्टाफ में हड़कंच मचा रहा। एडीएम अजयकांत सैनी, सिटी मजिस्ट्रेट जितेंद्र कुमार शर्मा, प्राचार्य डॉ. प्रमोद कुमार सिंह, चीफ प्रॉक्टर डॉ. मनोज गुप्ता, डॉ. विपिन नीरज आदि मौजूद रहे।
छात्र नेताओं के लिए मुफीद नहीं रहा निरीक्षण
डीएम के निरीक्षण के दौरान छात्र नेताओं को शिकायत करना महंगा पड़ गया। सछास जिलाध्यक्ष प्रशांत शर्मा द्वारा गलत तरीके से निष्कासन की शिकायत करने पर डीएम निष्कासित छात्र के कॉलेज में घूमने पर भड़के उठे। वहीं शिकायत करने पहुंचे एबीवीपी के जिला संगठनमंत्री दीपक कुमार के कॉलेज का रेग्यूलर छात्र न होने पर कॉलेज से बाहर निकालने के निर्देश दिए।
दो दिन के भीतर लगेंगे सीसी कैमरे
डीएम ने निरीक्षण के दौरान बाहरी छात्रों के कॉलेज में आवाजाही पर कॉलेज परिसर में दो दिन के भीतर सीसी कैमरे लगाने के निर्देश दिए।
शौचालय न होने की बात सुन डीएम सन्न
छात्र नेताओं को डीएम को महाविद्यालय परिसर में एक भी शौचालय न होने की बात कही। जिससे विद्यार्थियों को खासकर छात्राओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। छात्रनेता की बात सुन डीएम सन्न रह गए। उन्होंने अभियंताओं से वार्ता कर तत्काल स्टीमेट बनाने के निर्देश दिए।