पीलीभीत। सड़कों पर घूम रहे छुट्टा गोवंश से लगातार हो रहे हादसों और इनमें लोगों की जान जाने के मामलों को जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने गंभीरता से लिया है। शुक्रवार रात बीसलपुर क्षेत्र में छुट्टा गोवंश से टकराकर एक निजी बैंककर्मी की मौत के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। डीएम ने जिले के सभी नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों और विकासखंडों के खंड विकास अधिकारियों को अभियान चलाकर सड़कों पर घूम रहे छुट्टा गोवंश को चिह्नित कर गोशालाओं में संरक्षित कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी है। अमर उजाला में रविवार को खबर प्रकाशित होने के बाद डीएम ने यह कार्रवाई शुरू की है।
जिले में छुट्टा गोवंश लंबे समय से राहगीरों और वाहन चालकों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। मुख्य मार्गों से लेकर शहर और ग्रामीण इलाकों की सड़कों पर गोवंश झुंड के रूप में घूमते और कई जगह बीच सड़क पर बैठे नजर आते हैं। रात के समय इनकी वजह से हादसे का खतरा और बढ़ जाता है। पिछले दो माह में छुट्टा गोवंश से टकराने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है।
डीएम ने नगर पालिका, नगर पंचायत और सभी विकासखंडों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर घूम रहे छुट्टा गोवंश को चिह्नित करें। इसके लिए टीमें गठित कर नियमित रूप से क्षेत्र में निगरानी और भ्रमण किया जाए।
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सिर्फ पकड़ना नहीं, गोशालाओं में संरक्षण भी जरूरी
प्रशासन का जोर छुट्टा गोवंश को सड़कों से हटाने के साथ ही उन्हें सुरक्षित तरीके से गोशालाओं में संरक्षित कराने पर है। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पकड़े गए गोवंश को गोशालाओं तक पहुंचाने की समुचित व्यवस्था की जाए। इससे एक ओर सड़क हादसों पर अंकुश लगेगा तो दूसरी ओर गोवंश को भी सुरक्षित स्थान मिल सकेगा।