मंडलायुक्त प्रमांशू ने पूरनपुर ब्लाक के गांव रघुनाथपुर में चौपाल लगाकर जन समस्याएं सुनीं, साथ ही जनता से गांव में हुए विकास कार्यों की हकीकत जानी। चौपाल के बाद उन्होंने अधिकारियों के साथ रात्रि विश्राम किया और सुबह वह शिकायतों का पुलिंदा लेकर बरेली रवाना हुए। मंडलायुक्त के रात्रि प्रवास के चलते गांव की व्यवस्थाएं चाक चौबंद रहीं।
शासन के निर्देश पर मंडलायुक्त बुधवार शाम लोहिया समग्र गांव रघुनाथपुर पहुंचे थे। गांव में विकास कार्यों का निरीक्षण करने के बाद रात को चौपाल में जनता से रूबरू हुए। उन्होंने ग्रामीणों से विद्युतीकरण, हैंडपंप, इंदिरा व लोहिया आवास, राशन वितरण, 108 एंबुलेंस आदि की जानकारी ली। रात 10 बजे के बाद तक चली चौपाल में ग्रामीणों ने इंदिरा व लोहिया आवास का चयन ठीक न होने, राशन वितरण में गड़बड़ी, पेंशन न मिलने सहित कई मौखिक एवं लिखित शिकायतें कीं। चौपाल के दौरान गांव के अलावा आसपास क्षेत्र के लोगों ने भी अपनी समस्याएं बताईं। चौपाल और गांव में भ्रमण सहित करीब 200 शिकायतें उन्हें प्राप्त हुई। हालांकि जिला स्तरीय अधिकारियों का तर्क है मंडलायुक्त को गांव के अलावा क्षेत्र के लोगों ने भी ज्ञापन व शिकायतें दी हैं। गांव में नाममात्र की शिकायतें ही की गई। चौपाल समाप्त होने के बाद मंडलायुक्त ने डीएम, एसपी व अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ गांव में ही रात्रि विश्राम किया। अधिकारियों के गांव में रात्रि प्रवास के चलते सफाई, बिजली सहित तमाम व्यवस्थाएं चाक चौबंद रहीं। रघुनाथपुर सहित आसपास के गांव में रात को पुलिस भी गश्त करती नजर आई।
वीआईपी बारात से कम नहीं थी व्यवस्थाएं
मंडलायुक्त के गांव में प्रवास को लेकर प्रशासन काफी दिनों से तैयारियों में जुटा था। मंडलायुक्त सहित तमाम अधिकारियों के रात्रि विश्राम और भोजन का वीआईपी इंतजाम था। कई गांव वाले इन इंतजामों को देखने ही चौपाल में पहुंचे थे। सारी व्यवस्थाएं किसी वीआईपी बारात से कम नहीं थीं। दूसरे दिन भी गांव में इसकी चर्चाएं रहीं।