महिला अस्पताल परिसर के पास लगा एलएमओ प्लांट। संवाद
पीलीभीत। जिला-महिला और 200 बेड अस्पताल को लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन (एलएमओ) प्लांट से जोड़ने की कवायद तेज हो गई है। जल्द ही अस्पताल में भर्ती मरीजों को पाइपलाइन के जरिये तरल ऑक्सीजन की उपलब्धता बेड तक हो जाएगी। इस कार्य के लिए 34 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं। एलएमओ प्लांट के संचालन के बाद ही 200 बेड अस्पताल का संचालन भी शुरू हो जाएगा।
जिला और महिला अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर और 500 क्षमता वाले तीन ऑक्सीजन प्लांट लगे हैं। अब जल्द ही शासन से 200 बेड के नए अस्पताल के संचालन की अनुमति भी मिलने जा रही है। इसके लिए पूर्व में स्वास्थ्य विभाग की ओर से परिसर में लगाए गए एलएमओ प्लांट के संचालन की कवायद ने भी तेजी पकड़ ली है।
34 लाख रुपये की धनराशि जारी होते ही कार्य शुरू करा दिया गया है। ढाई फुट गहरी पाइपलाइन बनाने का कार्य कराया जा रहा है। यह ऑक्सीजन पाइपलाइन एलएमओ प्लांट से जिला-महिला अस्पताल और नए अस्पताल भवन तक जाएगी। एलएमओ (लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन) प्लांट की क्षमता 430 बेड की है।
क्या होता है एलएमओ प्लांट
एलएमओ (लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन) प्लांट एक तकनीकी प्रणाली है। इसमें वायुमंडलीय हवा से शुद्ध ऑक्सीजन को अलग कर उसे 183 डिग्री सेल्सियस पर तरल रूप में बदला जाता है। बाद में मेडिकल उपयोग के लिए भंडारित कर आपूर्ति की जाती है।
मरीजों को ऑक्सीजन उपलब्ध कराने के लिए एलएमओ प्लांट संचालित करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। जल्द ही महिला-पुरुष व नए अस्पताल में एलएमओ प्लांट से आपूर्ति शुरू हो जाएगी।
- डॉ. संगीता अनेजा, प्राचार्य स्वशासी राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय