लोगों में राजनीति का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है। एक बार जनप्रतिनिधि बनने के बाद सभी सुख सुविधाएं पाने को लोगों का पदार्पण लगातार बढ़ रहा है। इसका अंदाजा इस बार जिला पंचायत केे चुनाव में 34 वार्डों के लिए 753 नामांकन पत्रों की बिक्री से लगाया जा सकता है। इन नामांकन पत्रों की बिक्री से 2.41 लाख रुपये की आमदनी हुई है। जिले में जिला पंचायत के अब तक 29 वार्ड थे। नए परिसीमन के बाद ग्राम पंचायतों की संख्या बढ़ने से जिला पंचायत के वार्डों में भी बढ़ोत्तरी हुई। इससे इनकी संख्या 34 तक पहुंच गई। इन 34 वार्डों पर चुनाव लड़ने के लिए बड़ी संख्या में लोगों ने नामांकन पत्र खरीदे।
प्राप्त आकड़ों की बात करें तो जिला पंचायत में इस बार रिकार्ड 753 नामांकन पत्रों की बिक्री हुई। इसमें 500 रुपये प्रति नामांकन पत्र के हिसाब से 209 नामांकन पत्र अनारक्षित वर्ग और 250 रुपये प्रति नामांकन के हिसाब से 544 नामांकन पत्र आरक्षित वर्ग के प्रत्याशियों ने खरीदे। इन नामांकन पत्रों की बिक्री से 2.41 लाख रुपये की आमदनी हुई है।
नहीं जमा हुए 121 नामांकन
जिला पंचायत के 34 वार्डों के लिए यूं तो 753 नामांकन खरीदे गए थे लेकिन जमा करने वालों की संख्या कम रही। चार चरणों के लिए हुए नामांकन में क्रमश: 156, 126, 134 और 216 यानी कुल 632 नामांकन पत्र जमा हुए। 121 लोगों ने नामांकन नहीं कराया।