जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में बिजली पानी का मुद्दा छाया रहा। सदस्यों ने बिजली न मिलने और इंडिया मार्का हैंडपंपों के खराब होने पर नाराजगी व्यक्त की। इसके अलावा अनुपस्थित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने, मीटिंग हाल को बड़ा कराने सहित कई प्रस्ताव भी पास किए गए।
जिला पंचायत बोर्ड का गठन होने के बाद बुधवार को तीसरी बैठक अध्यक्ष आरती महेंद्र की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभागार में हुई। अपर मुख्य अधिकारी जागनलाल ने बैठक की कार्रवाई शुरू की तो अधिकांश सदस्यों ने बिजली न आने और क्षेत्र में इंडिया मार्का हैंडपंपों के खराब होने का मुद्दा उठाया। बिजली संबंधी समस्याओं का जवाब देने के लिए अधिशासी अभियंता के उपस्थित न होने पर सदन में नाराजगी व्यक्त की गई। अनुपस्थित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव रखा गया। इसके अलावा सदस्यों ने मीटिंग हाल बड़ा बनवाने का प्रस्ताव रखा। इसे स्वीकार कर लिया गया। जिला पंचायत की जमीनों को चिन्हित कर अवैध कब्जे हटवाने का निर्णय भी बैठक में लिया गया। सीडीओ इंद्रदेव द्विवेदी के निर्देश पर अधिकारियों ने विभागीय योजनाओं की जानकारी सदस्यों को दी। अंत में अध्यक्ष आरती महेंद्र ने सभी का आभार व्यक्त किया। बैठक में पूरनपुर विधायक पीतमराम, बीसलपुर विधायक रामसरन वर्मा समेत सभी सदस्य मौजूद रहे।
भाजपा विधायक ने सदस्यों को पढ़ाया पाठ
बैठक के प्रारंभ में ही सदस्यों ने अपनी समस्याएं रखने और अधिकारियों पर आरोप लगाने शुरू कर दिए। इस पर बैठक में मौजूद बीसलपुर से भाजपा विधायक रामसरन वर्मा ने माइक संभाला और सदस्यों को बैठक के उद्देश्य और उपयोगिता के बारे में बताया। उन्होंने सदस्यों से कहा कि वह बैठक के माध्यम से योजनाओं की जानकारी हासिल करें और इसके आधार पर अपने क्षेत्र के विकास की योजनाएं प्रस्तुत करें ताकि बैठक की सार्थकता बनी रहे।
बैठी रहीं महिलाएं, बोलते रहे प्रतिनिधि
जिला पंचायत बोर्ड में इस बार महिलाओं की संख्या काफी है। बैठक में यह महिलाएं अपने पति अथवा अन्य प्रतिनिधियों के साथ पहुंचीं और पूरी बैठक में मूक दर्शक बनी रहीं। जबकि उनके साथ आए प्रतिनिधि ही समस्याएं उठाते और अधिकारियों से सवाल जवाब करते दिखे। इस पर कुछ सदस्यों ने दबी जुबान ऐतराज भी किया।
अगली बैठक में नहीं बैठेंगे अनाधिकृत लोग
सदस्यों के साथ अन्य लोगों के भी बैठक में पहुंच जाने से हाल में खड़े होने की भी जगह नहीं बची। इस पर कुछ सदस्यों ने एतराज जताया। इसके बाद सदन ने निर्णय लिया कि अगली बैठक में केवल सदस्य ही प्रतिभाग करेंगे। किसी के पति अथवा प्रतिनिधि को बैठक में बैठने की अनुमति नहीं मिलेगी। इसके लिए सदस्यों को आईकार्ड जारी करने का भी निर्णय लिया गया।