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Pilibhit News: डगा पुल बंद होने से बढ़ी पूर्णागिरि धाम की दूरी, मरम्मत न होने पर श्रद्धालु उठा रहे परेशानी

Thu, 20 Mar 2025 04:51 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत

सार

पूरनपुर-खटीमा मार्ग पर बाइफरकेशन से निकली हरदोई ब्रांच नहर पर डगा पुल को ब्रिटिशकाल में बनाया गया था। बीते दिनों इस पुल में दरारें आ गईं, जिसके चलते इस पर आवागमन बंद कर दिया गया। 
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Daga bridge - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पीलीभीत में डगा पुल में आईं दरारों ने पूर्णागिरि धाम की दूरी बढ़ा दी है। माता के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं को दो से पांच किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर काटकर जाना पड़ रहा है। इस पुल की मरम्मत के लिए ठोस प्रयास भी अब तक शुरू नहीं हो पाए हैं। सिंचाई विभाग के हेडवर्क्स खंड और पीडब्ल्यूडी की खींचतान में मरम्मत का काम अटका हुआ है। 

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पूरनपुर-खटीमा मार्ग पर बाइफरकेशन से निकली हरदोई ब्रांच नहर पर डगा पुल को ब्रिटिशकाल में बनाया गया था। निर्माण पूरा हुए करीब 105 वर्ष हो चुके हैं। पुल की मियाद पूरी होने के बावजूद देखरेख की जिम्मेदारी संभालने वाले हेडवर्क्स खंड के अभियंता गंभीर नहीं हुए। नतीजतन छोटे-बड़े वाहनों की नियमित आवाजाही से पुल खस्ताहाल होता गया। करीब 10 दिन पूर्व पुल की चौथी डॉट के बीच दरारें पड़ने से मार्ग पर आवागमन रोक दिया गया। पुल के दोनों ओर दीवार खड़ी कर दी गई।  

जानकारी के अभाव में भटक रहे राहगीर 
पूरनपुर-खटीमा मार्ग पर बड़े वाहनों का भी अधिक दबाव रहता है। इन दिनों मां पूर्णागिरि का मेला शुरू हो गया है। जनपद के अलावा लखीमपुर, शाहजहांपुर, सीतापुर, बहराइच तक के श्रद्धालु रोजाना साइकिल, बाइक, ट्रैक्टर-ट्राॅली के साथ ही पैदल भी इसी मार्ग से होकर टनकपुर होते हुए पूर्णागिरि धाम के लिए जाते हैं। 
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पुल से आवागमन बंद होने की जानकारी न होने के कारण श्रद्धालुओं को भटकना पड़ रहा है। पुल के पास से लौटकर दो किमी की अतिरिक्त दूरी तय कर नहर के कच्चे मार्ग से जाना पड़ रहा है। जिन्हें कच्ची पटरी वाले रास्ते की जानकारी नहीं है, वे लोग पिपरिया संतोष गांव के रास्ते होकर गुजर रहे हैं। उन्हें करीब पांच किमी. की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। 

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एक-दूसरे पर डाल रहे जिम्मेदारी
पुल की देखरेख सिंचाई विभाग के हेडवर्क्स खंड के अधीन है। दरारें पड़ने के बाद हेडवर्क्स खंड की ओर से मरम्मत आदि के लिए लोक निर्माण विभाग को पत्राचार करने की बात कही गई। वहीं, लोक निर्माण विभाग की ओर से पुल सिंचाई विभाग का बताकर किनारा किया जा रहा है। दोनों विभागों की खींचतान के चलते मरम्मत के लिए अब तक प्रयास नहीं शुरू किए गए हैं।

सिंचाई विभाग के एक्सईएन राजीव कुमार सिंह ने बताया कि लोक निर्माण विभाग को पुल बनाने के लिए कहा है। इस संबंध में पत्र भेजा गया है। पुल बनाना पीडब्ल्यूडी की जिम्मेदारी है। पुल मरम्मत योग्य नहीं है, नया ही बनाया जाएगा।

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संयुक्त निरीक्षण के बाद बनेगी रूपरेखा
पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन राजेश चौधरी ने बताया कि सिंचाई विभाग से सूचना मिली है। सिंचाई, लोक निर्माण और सेतु निगम की संयुक्त टीम जल्द ही पुल का निरीक्षण करेगी। इसके बाद ही आगे की कार्ययोजना तय होगी। 

गिरा दी दीवार
दरारें पड़ने से पुल के दोनों ओर दीवार खड़ी कर यातायात रोका गया था। इसके अलावा पुल क्षेत्र में पुलिस कर्मियों की नियमित रूप से ड्यूटी भी लगाई गई। मंगलवार रात दोनों ओर की दीवार का एक भाग किसी ने गिरा दिया। इसके बाद बाइक और साइकिल सवार पुल से गुजरने लगे। बुधवार को ड्यूटी पर पहुंचे पुलिस कर्मियों ने ईंटें लगाकर यातायात रोका। 
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