पीलीभीत। प्रत्येक सोमवार को आयोजित परीक्षण शिविर में पहुंचने वाले दिव्यांगजन का दर्द स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों को नजर नहीं आता। शिविर में पहुंचने वाले दिव्यांग उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं। दिव्यागों के बैठने के लिए कुर्सियां और अंदर पहुंचने के लिए स्ट्रेचर तक की व्यवस्था नहीं रहती। पेजयल के लिए भी परेशान होना पड़ता है।
जिला अस्पताल के आयुष विंग में लगे दिव्यांग परीक्षण शिविर में अव्यवस्थाओं की भरमार दिखी। समय से अस्पताल पहुंचे दिव्यांगों को आयुष विंग के बाहर घंटों तक चिकित्सक का इंतजार करना पड़ा। स्ट्रेचर व व्हील चेयर न मिलने से कई दिव्यांग घिसट कर आयुष विंग के अंदर पहुंचे। दिव्यांगों को सहारा देने के लिए किसी कर्मचारी की ड्यूटी तक नही लगाई गई। परिसर में बैठने के लिए कुर्सी की कोई व्यवस्था नहीं कराई गई। जमीन पर बैठकर दिव्यांगों ने चिकित्सक का इंतजार किया। लगभग 11 बजे के बाद ईएनटी, आंख व हड्डी रोग चिकित्सक ने दिव्यांगों को देखना शुरू किया। इसके बाद भी अव्यवस्थाएं बनी रहीं।
आयुष विंग में लगा आरओ हमेशा रहता बंद
आयुष विंग के बराबर में दिव्यांगों के लिए आरओ लगा है। यह लंबे समय से बंद है। आज तक पानी की एक बूंद नहीं टपकी। गर्मी से बेहाल दिव्यांगों को पीने के पानी के लिए अस्पताल में इधर-उधर भटकना पड़ता है।
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एक आंख से दिखना कम हो गया है, परीक्षण का फॉर्म भरकर जमा कर दिया है। चिकित्सक के आने में अभी समय है। इंतजार कर रहे हैं। -रामसरन, मोहम्मदपुर दियूरिया
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अपनी मां को लेकर सुबह आया था, उनके पैर में टेढ़ेपन की समस्या है। मगर अब तक चिकित्सक का कुछ पता नहीं है। गर्मी को लेकर पानी आदि की भी कोई व्यवस्था नहीं है।
श्री कृष्ण, पौटाकलां
रामसरन, मोहम्मदपुर दियूरिया
रामसरन, मोहम्मदपुर दियूरिया
रामसरन, मोहम्मदपुर दियूरिया