अस्पताल परिसर में जगह-जगह फिसलन और गंदगी, पुराने भवन व ऑर्थो वार्ड में हालात ज्यादा खराब
पीलीभीत। बरसात के मौसम में बीमारियों से बचाव और इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंच रहे मरीजों को यहां उपचार के साथ अव्यवस्थाओं का भी सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल परिसर और आसपास के हिस्सों में बरसाती सीलन, नमी और सफाई में लापरवाही के चलते कई स्थानों पर गंदगी पसरी हुई है। जगह-जगह फिसलन होने से मरीजों और तीमारदारों को संभलकर निकलना पड़ रहा है। वहीं, अस्पताल के कई हिस्सों से उठ रही दुर्गंध सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है।
जिला अस्पताल में रोजाना करीब एक हजार से 1500 मरीज निशुल्क इलाज और जांच की उम्मीद में पहुंचते हैं। इनमें बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे और गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीज भी शामिल रहते हैं। बरसात के मौसम में संक्रमण और मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ने के बीच अस्पताल परिसर में स्वच्छता व्यवस्था और अधिक बेहतर होना जरूरी है। इसके बावजूद नमी और सीलन के बीच नियमित सफाई नहीं होने से मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। संवाद
शौचालय मार्ग पर छत टपकने से बढ़ी फिसलन
इमरजेंसी से पुराने भवन की ओर जाने वाले रास्ते में शौचालय के पास हालात काफी खराब बताए जा रहे हैं। यहां छत से पानी टपकने के कारण रास्ते में लगातार नमी और फिसलन बनी रहती है। इसके साथ ही गंदगी और दुर्गंध से मरीजों व तीमारदारों को इस रास्ते से निकलने में असहजता महसूस होती है। कई मरीज बीमारी की हालत में अस्पताल पहुंचते हैं, ऐसे में फिसलन वाले रास्ते पर उनके लिए परेशानी और बढ़ जाती है।
ऑर्थो वार्ड में दीवारों पर नमी
जिला अस्पताल का आर्थो वार्ड भी बरसात में सीलन की समस्या से जूझ रहा है। वार्ड काफी पुराना होने के कारण लगातार बारिश के दौरान दीवारों में नमी बढ़ जाती है। भर्ती मरीजों के बेड के पीछे की दीवार पूरी तरह सीलन से गीली नजर आती है। कई स्थानों पर दीवारों पर लगा पेंट पपड़ी बनकर गिर रहा है। नमी और सीलन के कारण वार्ड में दुर्गंध भी बनी रहती है।
ऑर्थो वार्ड में भर्ती मरीजों को लंबे समय तक अस्पताल में रहकर उपचार कराना पड़ता है। ऐसे में गीली और सीलनयुक्त दीवारों के बीच रहना उनके लिए परेशानी का कारण बन रहा है। मरीजों और तीमारदारों का कहना है कि बरसात के दिनों में वार्ड की स्थिति और खराब हो जाती है। अस्पताल प्रशासन को सीलन वाले हिस्सों की मरम्मत के साथ नियमित सफाई और जल निकासी पर भी ध्यान देने की जरूरत है।
सफाई व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
बरसात में अस्पताल परिसर में नमी और पानी के कारण गंदगी की समस्या और गंभीर हो जाती है। फिसलन वाले स्थानों पर मरीजों के गिरने का खतरा बना रहता है। वहीं, दुर्गंध और गंदगी के कारण मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। खास बात यह है कि अस्पताल में बड़ी संख्या में मरीज संचारी और मौसमी बीमारियों के उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। ऐसे में अस्पताल परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर किसी तरह की लापरवाही मरीजों के लिए परेशानी बढ़ा सकती है।
बरसात के मौसम में अस्पताल की सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए नियमित निगरानी की जा रही है। जहां भी सफाई संबंधी समस्या सामने आती है। वहां कर्मचारियों को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए जाते हैं।
- डॉ. एसपी सिंह, सीएमएस