आतंकवाद का दंश झेल चुके इस जिले में पुलिस असलहों को चलाने में कितना निपुण है, इस बात का खुलासा रविवार को एसपी के निरीक्षण के दौरान थाना न्यूरिया में हुआ। यहां एसओ शमसाद अहमद एंटी रॉयटगन भी नहीं चला सके। इस पर एसपी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए उन्हें चेतावनी जारी की है।
यूपी के नेपाल सीमा से सटा यह जिला 90 के दशक में आतंकवाद का दंश झेल चुका है। इस जिले की सीमा उत्तराखंड से भी जुड़ी हुई है। नेपाल की सीमा खुली होने और जिले का अधिकांश भू-भाग जंगलों से घिरा होने के कारण यह जिला अति संवेदनशील माना जाता है, लेकिन जिले में तैनात कई थानेदार असलहों को चलाने में फिसड्डी हैं।
इसकी बानगी रविवार को एसपी की ओर से थाना न्यूरिया का निरीक्षण करने पर देखने को मिली। एसपी ने जब थानेदार से एंटी रॉयटगन चलाने को कहा तो वह बगले झांकने लगे। निरीक्षण में इसके अलावा भी कई खामियां मिली हैं। एसओ को निरीक्षण की जानकारी होने के बाद भी थाना स्तर पर तैयारियां अधूरी रहीं। एसपी जेके शाही ने बताया कि एंटी रॉयटगन न चला पाना काफी अफसोस जनक है। उन्होंने एसओ शमसाद अहमद को चेतवानी जारी की है। थानेदारों को बुलाकर चांदमारी कराई जाएगी और उन्हें प्रशिक्षित भी किया जाएगा।