पूरनपुर। ध्रुव कॉलोनी की ओर तेजी से बढ़ रहे सुतिया नाले का रुख बदलने और कटान की गति धीमी होने से कॉलोनी के लोगों ने राहत की सांस ली है। धीमी गति से कटान में कॉलोनी के वासुदेव का घर चपेट में आने से उन्होंने सामान भरकर दूसरे गांव में ले जाना शुरू कर दिया है। सुतिया नाले ने गांव विनौता ताल्लुके गजरौला के खेतों में कटान तेजी से शुरू कर दिया। सोमवार को तीन किसानों की पांच एकड़ से अधिक जमीन पर खड़ी गन्ना की फसल नाले में समा गई। जलस्तर कम होने से गांव हजारा, चंदिया हजारा के समीप सोमवार को कटान तेजी से होता रहा।
ध्रुव कॉलोनी के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को एसडीएम से मिलकर कॉलोनी की आबादी को बचाने, कटान में हुए नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की।
एसडीएम अजीत प्रताप सिंह ने ध्रुव कॉलोनी, खिरकिया बरगदिया पहुंचकर कटान देखा। बाढ़ खंड के अफसरों ने ड्रोन से कटान की स्थिति को जाना। एसडीएम ने बाढ़ खंड के अफसरों को आबादी बचाने को शीघ्र ही कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए। वहीं कटान तेज होने से गांव खैरपुर के सलीम का करीब तीन एकड़, खिरकिया बरगदिया के हरिश्चंद्र का डेढ़ एकड़ और धर्मेंद्र का करीब आधा एकड़ गन्ना सुतिया नाले के कटान में बह गया। ध्रुव कॉलोनी के समीप कटान में गांव के बुधई का खेत नाले की भेंट चढ़ना शुुरू हो गया है।
कॉलोनी, खिरकिया बरगदिया के विवेक सिंह चौहान, रामसूरत, हरीशंकर, लल्लन प्रसाद, अलवीर सिंह ने एसडीएम से मिलकर सुतिया नाले से आबादी को बचाने और खेतों के कटने से हुए नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की। दोपहर बाद एसडीएम अजीत प्रताप सिंह, बाढ़ खंड के एसडीओ सुमित सचान, जेई विनय नायक धु्रव कॉलोनी पहुंचे। अफसरों ने ध्रुव कॉलोनी, खिरकिया बरगदिया में कटान की स्थिति देखी। बाढ़ खंड के अफसरों ने ड्रोन से कटान की स्थिति को जाना। एसडीएम ने बाढ़ खंड के अफसरों को आबादी और कटान बचाने को शीघ्र काम शुरू कराने के निर्देश दिए। एसडीएम ने फसलों के हुए नुकसान का भी शीघ्र सर्वे कराने का आश्वासन दिया।
चंदिया हजारा में भी कृषि भूमि का कटान तेज
दूसरी ओर शारदा नदी का जलस्तर कम होने पर गांव चंदिया हजारा और हजारा के समीप नदी ने तेजी से कटान शुरू किया है। चंदिया हजारा के प्रधान वासुदेव कुंडू ने बताया कि सोमवार को नदी ने गांव हजारा के समीप कटान कर राजेंद्र कुमार, रामभरोसे, शंकर लाल, रामकिशोरर, बृजलाल, राजेंद्र, राकेश, जगतार सिंह, बलविंदर सिंह आदि की 20 एकड़ जमीन पर खड़ी गन्ना की फसल को नदी ने लील लिया।