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किसानों के नाम से माफिया ने खरीदा सरकारी धान, घोटाले की जांच शुरू

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पीलीभीत। सरकारी धान खरीद में एक माफिया समेत अन्य फर्मों को ज्यादा सेंटर आवंटित करने समेत लक्ष्य से अधिक धान खरीद की शासन के निर्देश पर एआर कोआपरेटिव ने जांच शुरू कर दी। शाहजहांपुर की फर्म को मंडल में डेढ़ सौ सेंटर मिल गए थे, उसमें तिहाई सेंटर पीलीभीत के थे। इसमें सहकारिता विभाग की तीन क्रय एजेंसियों की भूमिका संदिग्ध है। लक्ष्य से अधिक खरीद पर सहकारिता आयुक्त ने धान खरीद की जांच करने के निर्देश दिए थे।
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एक अक्तूबर से आठ क्रय एजेंसियों के 147 धान सेंटरों के माध्यम से खरीद की गई थी। शासन द्वारा दिए गए धान खरीद के लक्ष्य 3.08 लाख मीट्रिक टन के सापेक्ष 3.67 लाख मीट्रिक टन खरीद की गई। यानी जिले में लक्ष्य के सापेक्ष 119 प्रतिशत धान खरीद की गई। जनपद में 39998 किसानों से 674 करोड़ 80 लाख रुपये की धान खरीद की गई। इधर लक्ष्य से अधिक सेंटर खोलने और धान खरीद अधिक होने के बाद शासन को कई शिकायतें भी मिलीं। सहकारिता विभाग की एजेंसियों द्वारा की गई धान खरीद में शाहजहांपुर और फरीदपुर की एक फर्म के अलावा अन्य दलाल और बिचौलिया की खासी भूमिका रही। मामले को संज्ञान में लेते हुए आयुक्त एवं निबंधक (सहकारिता) एसवीएस रंगाराव ने जिला सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक वीर विक्रम सिंह को धान खरीद की जांच करने के आदेश दिए थे। इधर सहकारिता विभाग ने अपनी तीन क्रय पीसीएफ के 28 सेंटर, पीसीयू के 32 और यूपीएसएस के 30 धान सेंटरों पर की गई धान खरीद की जांच शुरू कर दी। जांच अधिकारी एआर कोआपरेटिव वीर विक्रम सिंह ने बताया कि वह कोआपरेटिव के 89 धान क्रय केंद्रों पर हुई खरीद की जांच करेंगे। बाकी सेंटरों पर जांच अन्य अधिकारी करेंगे। सत्यापन कार्य शुरू कर दिया गया है।
खाद्य एवं विपणन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पीसीएफ द्वारा 28 केंद्रों पर लक्ष्य के सापेक्ष 105.65 फीसदी, पीसीयू द्वारा 32 केंद्रों पर 129.15 और यूपीएसएस द्वारा 30 क्रय केंद्रों पर लक्ष्य के सापेक्ष 119.77 फीसदी धान खरीद की गई।
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शासन के निर्देश पर धान खरीद की जांच शुरू की जा चुकी है। इसमें एडीओ, एसडीसीओ को लगाया गया है। मैं स्वयं भी केंद्रों पर जाकर धान खरीद को देखूंगा। इसके बाद इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। -वीर विक्रम सिंह, जिला सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक
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