पीलीभीत। धनकुनी क्रय केंद्र पर बिचौलियों का धान तुलवाने का किसान ने विरोध किया तो मौजूद ठेकेदार और अन्य कर्मचारियों ने उसकी पिटाई कर दी। बाद में किसान एकजुट हुए तो ठेकेदार और धान लेकर आए बाहरी लोग मौके से भाग गए। घंटों किसान हंगामा करते रहे, मगर सूचना के बाद भी कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
न्यूरिया थाना क्षेत्र के सिमरिया गौसू गांव के रहने वाले किसान परमेश्वरी दयाल ने बताया कि करीब 15 दिन पहले वह धान लेकर खाद्य विभाग के धनकुनी गांव में बने क्रय केंद्र पर आए थे। इसके बाद से धान के साथ क्रय केंद्र पर ही खड़े हैं। पंजीकरण उनकी मां फूला देवी के नाम से है, जोकि बीमार होने की वजह से नहीं आ सकीं। आरोप है कि सप्ताह भर पहले ठेकेदार ने धान की तौल कराने के लिए 20 हजार रुपये उनसे लिए थे। इसके बाद भी अब तक तौल नहीं की गई। वारदाना का अभाव बताकर तो कभी कोई अन्य वजह से टालमटोल कर दी गई।
बुधवार शाम जब ठेकेदार से बात की गई तो उसने 50 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से अतिरिक्त रुपये की मांग शुरू कर दी। धान खराब होता देख वह रुपये देने को भी राजी भी हो गए। बृहस्पतिवार की सुबह एक अन्य व्यक्ति (बिचौलिया) धान लेकर आया और 25 हजार रुपये ठेकेदार को दे दिए। इस पर उसके लाए धान की तौल की जाने लगी। विरोध करने पर ठेकेदार ने पूर्व में लिए 20 हजार में से 10 हजार रुपये जमीन पर फेंक दिए और आगे धान की तौल करने से ही मना कर दिया। फिर साथियों संग ठेकेदार ने पिटाई कर दी। कपड़े भी फाड़ दिए। चीखने चिल्लाने की आवाज सुनकर बाहर धान लेकर खड़े अन्य किसान भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने क्रय केंद्र पर चल रही धांधली पर आक्रोश जताया। यह देखकर ठेकेदार और झगड़ा करने वाले अन्य कर्मचारी मौके से भाग गए। किसानों का कहना है कि पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को कॉल की गई, मगर कोई भी घंटों तक नहीं पहुंचा।
किसान बोले- क्रय केंद्र पर खुलकर धांधली, आढ़तों, बिचौलियों का पहले तुल रहा धान
पीलीभीत। धनकुनी क्रय केंद्र पर ठेकेदार द्वारा की गई मारपीट के बाद कई दिनों से तौल का इंतजार कर रहे किसानों का गुस्सा भी फूटा। सभी ने क्रय केंद्र पर चल रही अव्यवस्था पर खुलकर बात कही। स्पष्ट कहा कि किसान के धान का नंबर ही नहीं आ रहा। दिन भर तौल बंद रखी जाती है। रात में अचानक बिचौलिये और आढ़तियों की धान लदी ट्रैक्टर ट्रॉलियां पहुंचती हैं और उनका धान अतिरिक्त लेबर लगाकर तौल दिया जाता है।
क्रय केंद्र पर हुई किसान की पिटाई के बाद एकजुट हुए तमाम किसानों ने वहां पर खड़ी कुछ ट्रैक्टर ट्रॉलियों को दिखाते हुए सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि आए दिन क्रय केंद्रों पर किसानों को यही कहा जाता है कि वारदाना नहीं है। कभी पंजीकरण वाले परिवार के व्यक्ति के मौजूद न होने की बात कहकर लौटा दिया जाता है। आरोप लगाया कि बिचौलियों की धान लदी ट्रैक्टर ट्रॉलियां रात में ही आ जाती हैं। वारदाना भी साथ लाया जाता है। फिर भिकारीपुर समेत आसपास की लेबर को बुलाकर चंद घंटों में बिना सफाई, मानक जांचे बिना ही खरीद कर ली जाती है। यह भी कहा कि ठेकेदार धान लेकर आते हैं। साथ में कोई किसान नहीं होता। सिर्फ बिचौलियों के पास मौजूद कागजात से किसानों के नाम चढ़ाकर खरीद कर ली जाती है। किसानों ने मांग की कि प्रशासन खरीद की जांच कराए। खास बात यह थी कि घंटों हंगामा चलता रहा। केंद्र पर सचिव, लेखपाल, क्रय केंद्र प्रभारी समेत कई लोगों की ड्यूटी लगाई गई है। मगर अफसरों को उनके द्वारा हंगामे की जानकारी ही नहीं दी गई थी। किसानों का कहना है कि हंगामा के दौरान सचिव, लेखपाल, क्रय केंद्र प्रभारी भी मौके पर मौजूद नहीं मिले।
मेेरे वारदाना में दूसरे का तौल दिया धान
एक हफ्ते से क्रय केंद्र पर धान लेकर खड़ा हूं। वारदाना न होने की बात कही गई तो खुद वारदाना खरीदकर ले आया। फिर 200 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से सुविधा शुल्क मांगा गया। यही नहीं मेरे लाए वारदाना में दूसरे का धान तौल दिया गया। बड़े लोगों की ट्रॉलियां पहुंचती हैं और तुरंत तौल करा दी जाती है। तब लेबर भी बुला लाते हैं। - मोहम्मद आरिफ, भिकारीपुर गांव
रुपये नहीं दिए तो 25 दिन से केंद्र पर खड़ा हूं
मेरी मां मनदीप कौर के नाम से पंजीकरण है। क्रय केंद्र धनकुनी पर 25 दिन पहले धान लेकर आया था। धान खराब न हो जाए एक डेयरी की जगह में पलटवा दिया। सारी औपचारिकताएं पूरी कर लीं, लेकिन 150 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से ठेकेदार को नहीं दे सका। अब तक तौल नहीं हो सकी है। बिचौलियों के धान 24 घंटे में तुल जा रहे हैं। - तलविंदर सिंह, रफियापुर
ठेकेदार की आढ़त भी है, इसलिए कर रहा खेल
धनकुनी क्रय केंद्र पर 25 दिन से धान लेकर खड़ा हूं। मां गंगादेवी के नाम से पंजीकरण है। सुविधा शुल्क नहीं दिया तो धान की तौल नहीं हो सकी है। यहां के ठेकेदार की आढ़त भी है। वह अपनी आढ़त का धान लाकर किसानों के नाम पर तौल कराता है। वारदाना साथ ही में आ जाता है। किसान कई दिनों तक परेशान रहता, कोई सुनने वाला नहीं। - लालमन, रफियापुर
क्रय केंद्र पर हंगामे की सूचना मिलने पर एएमओ को मौके पर भेजा गया है। पूरे मामले की गहनता से जानकारी कराई जाएगी। खरीद को पारदर्शिता से कराया जा रहा है। - डॉ. अविनाश झा, डिप्टी आरएमओ
धान खरीद को प्राथमिकता पर लेते हुए पारदर्शिता से संपन्न कराया जा रहा है। धनकुनी क्रय केंद्र के मामले को दिखवाया जाएगा। अगर गड़बड़ी निकलती है, तो कार्रवाई भी होगी। - पुलकित खरे, डीएम
खुद के साथ हुई मारपीट की जानकारी देता किसान परमेश्वरी दयाल।- फोटो : PILIBHIT