राज्य सरकार द्वारा धान की समय सारणी तय करने के बाद जनपद में धान खरीद की तैयारियां शुरू कर दी गई। एडीएम वित्त एवं राजस्व अतुल सिंह को इसका प्रभारी अधिकारी नामित किया गया। किसानों की ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई। दूसरी ओर धान खरीद से जुड़े माफिया भी सक्रिय हो गए हैं। शाहजहांपुर की एक फर्म के संचालक पूरे बरेली मंडल में ज्यादा से ज्यादा सरकारी सेंटर हथियाने की कोशिश में लग गए हैं।
शासनादेश के मुताबिक 30 अगस्त तक प्रशासन को धान खरीद के लिए क्रय केंद्रों के निर्धारण करने के निर्देश दिए गए हैं। एक अक्टूबर से धान खरीद प्रस्तावित है। इधर, सरकारी धान और गेंहू खरीद में कई साल से बड़े स्तर पर माफिया राज हावी है। सरकारी धान खरीद में राजनीति से जुड़े लोग भी शामिल रहते हैं। इसलिए किसानों को धान खरीद का वास्तविक फायदा नहीं मिल पाता। मगर, इस बार प्रशासन ने माफियाओं के चुंगल से धान खरीद मुक्त रखने की कवायद शुरू की है।
डीएम ने बुधवार को एडीएम वित्त एवं राजस्व अतुल सिंह को धान खरीद का प्रभारी अधिकारी नामित कर दिया। एडीएम वित्त पिछले साल भी धान खरीद के प्रभारी अधिकारी थे। एक अक्टूबर से धान खरीद के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई। डिप्टी आरएमओ डॉ. अविनाश कुमार झा ने बताया कि सरकारी केंद्रों पर धान खरीद के लिए किसान डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट एफसीएस डॉट यूपी डॉट जीओवी डॉट इन पर स्वयं या फिर साइबर कैफे या जनसुविधा केंद्रों के माध्यम से अपना पंजीकरण करा सकते हैं। जिन किसानों ने गत वर्ष अपना पंजीकरण कराया है, उन्हें दोबारा पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं है, मगर पूर्व में पंजीकृत किसानों को अपने खेत का रकवा या अन्य सूचनाएं संशोधित कर लॉक करनी होंगी। लॉक मोबाइल फोन पर ओटीपी के माध्यम से ही होगा।
शासन के निर्देश पर सरकारी धान खरीद 2020-21 की तैयारियां शुरू कर दी गई है। एडीएम अतुल सिंह को प्रभारी अधिकारी नामित किया गया है। धान खरीद को लेकर पंजीकरण प्रक्रिया भी शुरू की जा चुकी है।
- वैभव श्रीवास्तव, डीएम