पीलीभीत। किसान को फसल का वाजिब दाम दिलाने के लिए शासन-प्रशासन बिचौलियों और माफिया पर शिकंजा कसने में जुटा है। एक दिन पहले ही तहसीलवार समीक्षा करने के बाद एडीएम वित्त एवं राजस्व और पांचों एसडीएम को चेतावनी दी गई थी। खरीद को गति देने और छोटे किसानों को राहत पहुंचाने के लिए अभियान शुरू किया गया है। मगर इसका असर ग्रामीण इलाकों में संचालित क्रय केंद्रों पर अभी भी नहीं दिखाई दे रहा। क्रय केंद्रों पर तौल बंद पड़ी है। परिसर में पड़ा धान सुखाने के लिए ठेकेदार बनकर आढ़ती काम करा रहे हैं। कहीं लेखपाल नदारद हैं, तो कहीं क्रय केंद्र प्रभारी पहुंचते ही नहीं। वारदाना की कमी भी दूर नहीं हो सकी है। शुक्रवार को कई क्रय केंद्रों पर पहुंचकर अमर उजाला की टीम ने हकीकत परखी तो अव्यवस्थाएं हावी मिलीं। जिन किसानों के नाम का धान क्रय केंद्र पर पड़ा था, उनकी मौजूदगी ही नहीं थी। इसे लेकर भी कर्मचारी कोई जवाब नहीं दे सके।
सीन एक: धनकुनी क्रय केंद्र पर अभी भी हालात बदतर
खकरा-मझोला मार्ग पर जनपद मुख्यालय से आठ किमी की दूरी पर स्थित धनकुनी गांव में लगे क्रय केंद्र पर तौल बंद थी। कुछ किसानों का धान पंखा लगाकर सुखाया जा रहा था, जबकि क्रय केंद्र के बाहर धान लदी ट्रैक्टर ट्रॉलियों की कतार लगी थी। क्रय केंद्र प्रभारी भूपेंद्र कुमार नहीं थे। तीन दिन पहले भी यह क्रय केंद्र पर नहीं थे। लेखपाल केंद्र के बाहर कुछ लोगों से बातचीत कर रहे थे। पीलीभीत मंडी का एक व्यक्ति ठेकेदार बनकर धान साफ करा रहा था। कर्मचारी भी उसे ठेकेदार बता रहे थे। मगर जब अधिकारियों से ठेकेदार का नाम पूछा गया तो मौजूद व्यक्ति दूसरा निकला। कुछ देर में यह भी सामने आ गया कि वह आढ़ती है। तीन दिन पहले जब अमर उजाला की टीम पहुंची थी, उस वक्त उसका बेटा संदिग्ध के तौर पर घूमता मिला था। क्रय केंद्र के कुछ जिम्मेदार कर्मचारियों ने भी आढ़ती होने की बात स्वीकार की।
सीन दो: पीसीएफ के क्रय केंद्र पर भी तौल बंद थी
कस्बा न्यूरिया में महोफ रोड पर पीसीएफ के क्रय केंद्र पर भी तौल बंद थी। क्रय केंद्र प्रभारी बाबूराम मौके पर थे। पंखा लगाकर धान साफ किया जा रहा था, मगर किसान कोई भी मौके पर नहीं था। लेखपाल के बारे में पूछा गया तो बताया कि यहां पर महिला लेखपाल की ड्यूटी लगी है। वह गैरहाजिर थीं। बारदाना भी क्रय केंद्र पर नहीं था। उठान की व्यवस्था भी बदतर थी। केंद्र प्रभारी के मुताबिक 3900 बोरी धान उठान के इंतजार में पड़ा है। इसके अलावा 500 क्विंटल से अधिक धान की तौल होनी है।
सीन तीन: केंद्र प्रभारी मिले, मगर धान की तौल नहीं
कस्बा न्यूरिया में ही भाजपा के एक वरिष्ठ नेता की समिति को मिले क्रय केंद्र पर भी तौल बंद मिली। क्रय केंद्र प्रभारी थे। मगर लेखपाल यहां पर भी नहीं आए थे। धान पड़ा हुआ था, मगर जिनका धान बताया गया, उनकी जगह पर दूसरे लोग धान के पास खड़े थे। तौल बंद होने के पीछे क्रय केंद्र प्रभारी ने श्रमिकों के नमाज पढ़ने जाने की बात बताई। उठान न होने की दिक्कत यहां पर भी थी।
बोले- राइस मिल ने लौटा दिया धान
भाजपा नेता की समिति को मिले क्रय केेंद्र के प्रभारी और कर्मचारियों ने अपनी भी एक समस्या रखी। उनका कहना था कि पीलीभीत की एक राइस मिल को धान ट्रकों में लादकर भेजा गया था। मगर उसे निरस्त कर वापस कर दिया। वजह पूछने पर धान में चावल न होने की बात कह दी गई।
क्रय केंद्र पर ठेकेदार बताकर आढ़ती के काम करने की बात है, तो यह गलत है। इसके बारे में जानकारी कराई जाएगी। तौल और वारदाना को लेकर कहीं कोई कमी आ रही है तो उसे भी दूर कराया जा रहा है। - डॉ. अविनाश झा, डिप्टी आरएमओ
बीसलपुर में भी क्रय केंद्र पर नहीं पहुंचे लेखपाल
बीसलपुर। मंडी परिसर स्थित उत्तर प्रदेश आवश्यक वस्तु अधिनियम के क्रय केंद्र पर सुबह 11 बजे पहुंचे तो लेखपाल नहीं मिले। केंद्र प्रभारी इंद्रमणि शुक्ला ने बताया कि लेखपाल एक बार आए और चले गए। मंडी के आठ में से केवल तीन केंद्रों पर लेखपाल ड्यूटी करते हुए मिले। पांच केंद्रों पर लेखपाल ड्यूटी से नदारद थे। एसडीएम राकेश गुप्ता ने बताया कि लेखपालों को और काम भी करने पड़ रहे हैं, इसलिए लेखपाल सभी केंद्रों पर पूरे समय नियमित रूप से ड्यूटी नहीं दे पा रहे।
कस्बा न्यूरिया के एक क्रय केंद्र पर तौल बंद मिली।- फोटो : PILIBHIT