पीलीभीत। भगवान भोलेनाथ की आराधना के लिए शुक्रवार से शिव मंदिरों में श्रद्धालु जुटेंगे। जलाभिषेक के लिए कांवड़ यात्री भी पहुंचेंगे। शासन ने शिव मंदिरों को जाने वाले रास्तों और अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का निर्देश दिया था, लेकिन शहर के प्राचीन गौरीशंकर मंदिर जाने वाले कोतवाली मार्ग पर बनाया गया डलावघर श्रद्धालुओं की आस्था पर असर डालेगा।
गौरीशंकर मंदिर जाने वाले काफी श्रद्धालु कोतवाली मार्ग से गुजरते हैं। कोतवाली के समीप ही नगर पालिका के सफाई कर्मी मुख्य सड़क पर कूड़ा डालते हैं। मनमाने तरीके से बनाया गए इस डलावघर का कूड़ा आधी सड़क तक बिखरा रहता है। कूड़े का उठान सुबह नौ बजे के बाद ही होता है।
ऐसे में सावन में भोलेबाबा की आराधना के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। पालिका और तहसील प्रशासन इससे बेपरवाह है। वहीं आयुर्वेदिक कॉलेज से गौरीशंकर मंदिर जाने वाली सड़क का निर्माण तो आननफानन में करा दिया गया, लेकिन किनारे का हिस्सा अब भी छूटा है। इस हिस्से में जलभराव हो रहा है। बीच में पुलिया का एक पत्थर का काम भी बाकी है।
अर्ध नारीश्वर मंदिर के पास लगा खंभा क्षतिग्रस्त
विशाल टाॅकीज के पास स्थित अर्धनारीश्वर मंदिर के समीप लगा बिजली का खंभा कई माह पहले क्षतिग्रस्त हो गया था। इस खंभे को तीन अन्य खंभों का सहारा तो दिया गया, लेकिन बदला नहीं गया। अन्य बिजली के खंभों पर पॉलीथिन भी नहीं लगाई गई, जबकि इस मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है।
मोहल्ला फीलखाना स्थित डलावघर में एक रास्ते के निर्माण की समस्या को लेकर कुछ दिनों से कूड़ा कोतवाली के करीब डाला जा रहा था। कल से कोतवाली के बाहर कूड़ा नहीं डाला जाएगा। कांवड़ियों के आवागमन को लेकर रास्ते की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
- संजीव कुमार, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका
शहर के अर्धनारीश्वर मंदिर के पास बिना पालीथिन लगा जर्जर खंभा संवाद