बिलसंडा के रामलीला मैदान पर आयोजित रासलीला में लीला का मंचन करते कलाकार । संवाद
बिलसंडा। नगर के रामलीला मैदान पर आयोजित रासलीला में भगवान श्रीकृष्ण व मित्र सुदामा के मिलन की लीला ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
रासलीला में प्रभु व भक्त के मिलन को दर्शाया गया। कलाकारों ने अपने अभिनय के माध्यम से दर्शाया कि गुरु, मित्र, बहन, बेटी और भगवान के घर कभी खाली हाथ नहीं जाना चाहिए। पत्नी के बार-बार कहने पर जब सुदामा अपने बचपन के मित्र द्वारिकाधीश श्रीकृष्ण के पास जाने के लिए तैयार हुए तो उनकी पत्नी सुशीला ने पड़ोस से चावल लाकर सुदामा को दिए और कहा कि इन्हें अपने मित्र को दे देना।
जब सुदामा दीन-हीन दशा में द्वारिकाधीश श्रीकृष्ण भगवान के महल पहुंचे तो द्वारपालों ने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया। सुदामा ने द्वारपालों को बताया कि वह भगवान श्रीकृष्ण के बचपन के मित्र हैं। व्याकुल श्रीकृष्ण ने मित्र सुदामा के अपने आंसुओं से पैर धोए। सुदामा की कांख में दबी पोटली को छीनकर उसमें दो मुट्ठी चावल खाते ही दो लोकों का राज्य सुदामा को दे दिया।