सचिव नगर विकास श्रीप्रकाश सिंह ने सोमवार देर शाम शहर के नौगवां क्रासिंग के पास बसे गांव नौगवां पकड़िया को नगर पंचायत दिए जाने का आदेश जारी किया। शहर की सीमा से सटे होने के साथ-साथ इस गांव के बरेली-टनकपुर मार्ग पर होने के कारण शहर व आसपास के लोग वहां जाकर बसते रहे हैं। करीब एक दशक पहले तक इस गांव की आबादी करीब 10-12 हजार थी। शहर की घनी आबादी के साथ ही आसपास के तमाम गांवों के लोग आकर यहां बसने लगे। 2008-09 में बनाई गई दोनों कांशीराम कालोनी को भी इसी गांव में शामिल कर लिया गया। गांव की आबादी वर्तमान में करीब 50 हजार है। गांव की अधिकांश सड़के कच्ची हैं। पक्की सड़कों की दशा भी काफी खराब है। गांव में शुद्ध पेयज की समस्या सबसे बड़ी है। गांव में दो सफाईकर्मी तो नियुक्त हैं, लेकिन बड़ा गांव होने के नाते सफाई उनके बूते के बाहर रहती है।
दो माह पहले शासन को भेजा था प्रस्ताव
अपर जिलाधिकारी आलोक सिंह ने बताया कि सदर तहसील का गांव पकड़िया नौगवां आबादी के लिहाज से सबसे बड़ा है। शासन ने दस हजार से अधिक की आबादी वाले गांवों को नगर पंचायत का दर्जा देने के उद्देश्य से रिपोर्ट मांगी थी। जिसके आधार पर जिला प्रशासन ने रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी थी। सूचना मिली है कि शासन से इस गांव को नगर पंचायत का दर्जा दे दिया है, लेकिन अभी आदेश प्राप्त नहीं हुआ है।
गांव के लोगों को जगी विकास की उम्मीद
गांव के पूर्व प्रधान अशरफ अली ने बताया कि देहवा नदी के किनारे इस गांव के बसे होने से बरसात के दिनों में गंदा पानी गांव की आबादी तक पहुंच जाता है। गंदे पानी का वाटर लेबिल ऊंचा होने के कारण घरों के हैंडपंपों से भी पीने योग्य पानी नहीं निकलता। नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बाद शहरी तर्ज पर गांव का विकास होने पर इस समस्या का स्थाई समाधान हो सकेगा।
गांव के कोटेदार शफीक खां ने बताया कि गांव में तेजी से बढ़ती तो बढ़ी लेकिन जल निकास आदि के उचित प्रबंध नहीं किए गए। जिससे जहां-तहां घरों का गंदा पानी सड़कों पर जमा रहता है। नगर पंचायत होने पर इसकी विधिवत व्यवस्था हो जाएगी। जिसका लाभ लोगों को मिलेगा।
स्वास्थ्य-शिक्षा की होगी बेहतर व्यवस्था
गांव निवासी सितारा बेगम ने बताया कि गांव होने के कारण यहां शिक्षा व स्वास्थ्य की उचित व्यवस्था नहीं थी। गांव के बच्चों को रेलवे लाइन पार कर शहर में पढ़ने जाना पड़ता था। अब गांव में ही उचित चिकित्सा व शिक्षा की व्यवस्था मिल सकेगी।
आबादी 50,000
एपीएल कार्ड धारक 2166
बीपीएल ,, ,, 126
अंत्योदय ,, ,, 80