जिले में करीब 4.53 लाख राशनकार्ड उपभोक्ता हैं। इन सभी उपभोक्ताओं के नए सिरे से राशन कार्ड बनाए जाने हैं। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्र में 79.56 तथा शहरी क्षेत्र में 64.43 फीसदी गरीब उपभोक्ताओं का चयन किया जाना है। इस राशनकार्ड में मुखिया महिला होगी। इसके अलावा जिन लोगों के राशनकार्ड नहीं हैं, उनके राशनकार्ड बनाने के लिए ऑनलाइन आवेदन होना है।
ग्रामीण उपभोक्ताओं से नए सिरे से आवेदन पत्र जमा कराने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की ओर से ग्राम पंचायत अधिकारियों को सौंपते हुए पहले से पंजीकृत उपभोक्ताओं की सूची की तीन-तीन प्रतियां भी उपलब्ध कराई गई थीं, ताकि वह ग्राम स्तर पर उनका प्रदर्शन करें। जिससे त्रुटि सुधार अथवा मृतक उपभोक्ता का राशनकार्ड संशोधित किया जा सके। साथ ही अगर किसी उपभोक्ता का नाम किसी कारण से सूची में नहीं है तो नए सिरे से ऑनलाइन आवेदन कर ले, लेकिन एक-एक ग्राम पंचायत अधिकारी के पास कई-कई गांव होने के कारण जिले के अधिकांश गांवों में यह काम काफी धीमी गति से चल रहा है। कोटेदार व प्रधान तक को इस योजना की पूरी जानकारी न होने के कारण वह भी उपभोक्ताओं को सही जानकारी नहीं दे पा रहे हैं। इसका फायदा उठाकर साइबर कैफे मालिक पहले से ही सूची में शामिल ग्रामीण उपभोक्ताओं के भी राशन कार्ड ऑनलाइन भरने के नाम पर 50 से 70 रुपये ले रहे हैं।
जिन उपभोक्ताओं के नाम पहले से सूची में शामिल हैं उन्हें ऑनलाइन फार्म नहीं भरना है। ऐसे उपभोक्ता अपने गांव के ग्राम पंचायत अधिकारी के पास नए सिरे से आवेदन भर कर जमा कर दें। जिन उपभोक्ताओं का नाम सूची में नहीं है, वह ऑनलाइन आवेदन कर राशनकार्ड बनवा लें। इसके लिए कलक्ट्रेट में पांच कम्प्यूटर लगाए गए हैं। डाटा एंट्री का 10 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। जिले में तेजी से नये राशनकार्ड बनाए जाने को आवेदन जमा करने का काम जारी है, लेकिन यह सब काम 30 मार्च तक हो पाना कुछ मुश्किल लग रहा है।
रमन मिश्रा, जिला पूर्ति अधिकारी
जिले में पहले से पंजीकृत राशनकार्डों की स्थिति
एपीएल 3.51 लाख
बीपीएल 57 हजार
अंत्योदय 36 हजार