पीलीभीत। फसलों की सिंचाई के लिए भले ही लंबे समय बाद नहरों और माइनर में पानी छोड़ दिया गया हो, लेकिन इसके बावजूद किसानों की परेशानी थमने का नाम नहीं ले रही है। तीन दिन पूर्व कटी रजवाह नहर के बाद बृहस्पतिवार को देवीपुर माइनर पांच स्थानों पर फट गई। इससे किसानों की करीब 70 एकड़ फसल डूब गई।
माधोटांडा क्षेत्र में बाइफरकेशन स्थित नहरों का जाल है। यहां से हरदोई ब्रांच नहर के माध्यम से रजवाह नहर निकाली गई है। रजवाह से करीब आधा दर्जन माइनरों को निकाला गया है। किसानों को समय से पहला पानी पहुंचाने के लिए शासन ने सिल सफाई के लिए करोड़ों रुपये का बजट जारी किया था। सिंचाई विभाग के अफसरों की उदासीनता के चलते सिल्ट सफाई का कार्य देरी से पूरा हो सका। किसानों का आरोप है कि जल्दबाजी के चलते माइनरों में मजदूरों को लगाकर फावड़े से तली झाड़ सफाई की जगह जेसीबी से सिल्ट निकलवाई गई। इससे माइनरों की पटरिया कमजोर हो गई। तीन दिन पूर्व पानी छोड़ते ही रजवाहा नहर टूट गई। इसके बाद बृहस्पतिवार को पानी का ओवरफ्लो हो जाने से देवीपुर माइनर पांच स्थानों से टूट गई। इससे किसानों की करीब 70 एकड़ फसल पूरी तरह डूब गई। किसान ओमप्रकाश, कलीम शाह, प्रेमपाल, नुजहत खान, रघुनंदन समेत दो दर्जन किसानों की फसलें बुरी तरह डूब गई। सहायक अभियंता मुकेश चंद्रा ने बताया कि माइनर फटने के कारण की जानकारी की जा रही है। फिलहाल मरम्मत कार्य शुरू करवा दिया गया।