कलीनगर (पीलीभीत)। मैदानी इलाकों के साथ पहाड़ों पर हो रही बारिश ने जिले की नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचा दिया है। सोमवार दोपहर बाद तक देवहा नदी में 47 हजार क्यूसेक और शारदा नदी में दो लाख क्यूसेक पानी पास किया गया, जिससे दोनों नदियां उफना गईं। इसका असर नदी किनारे बसे गांवों और तराई क्षेत्र में अधिक देखने को मिला। शारदा का पानी कई इलाकों में खेतों और घरों तक घुस गया, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। तहसील प्रशासन ने स्थिति को परखकर राहत कार्य शुरू कराए हैं।
लगातार तीन दिन से हो रही बारिश और नेपाल से आने वाले पानी ने कलीनगर क्षेत्र के गांवों को बुरी तरह प्रभावित किया है। बंदरभोज, बूदीभूड, नौजल्हा नंबर एक व दो, महाराजपुर और भूड़ागोरख समेत आधा दर्जन से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। धान की फसल में बाली निकलने के समय पानी भर जाने और सब्जी की फसलों के डूबने से किसानों के चेहरों पर मायूसी छा गई है। ग्रामीणों ने बताया कि घरों और गलियों तक पानी घुस आया है, जिससे रोजमर्रा का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
रमनगरा में दो दिन से नाव संचालन ठप
रमनगरा क्षेत्र में शारदा नदी पर नावों का संचालन दो दिन से पूरी तरह बंद है। शारदा पार के लोग उसी ओर फंसे हुए हैं। वह अपने मवेशियों को सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर पहुंचाने में लगे हैं। दूसरी ओर गोरख डिब्बी इलाके में शारदा नदी के दाहिने किनारे पर बनी ठोकर संख्या 26 खतरे में है। नदी का पानी लूप बनाकर तेज़ी से घूम रहा है, जिससे कटान का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सिंचाई विभाग ने ठोकर की मजबूती पर ध्यान नहीं दिया। हालांकि अभियंता स्थिति को नियंत्रण में बता रहे हैं।
बिगड़ते हालात से बढ़ी चिंता
नेपाल से आने वाली सहायक नदियों जगबूड़ा, बमनी के उफान से तराई का संकट और गहराता जा रहा है। लगातार बारिश से पानी का दबाव बढ़ने की आशंका है। किसान अब इस दुविधा में हैं कि पानी और बढ़ेगा या धीरे-धीरे कम होगा। प्रशासन ने राहत कार्य शुरू कर दिए हैं और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है।
ट्रैक्टर-ट्रॉली से पहुंचे एसडीएम, उपलब्ध कराई नाव
कलीनगर। शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने से तहसील क्षेत्र के छह से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी घुसने के बाद तहसील प्रशासन अलर्ट हुआ। एसडीएम महिपाल सिंह, नायब तहसीलदार अक्षय यादव के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली से नौजल्हा, बंदर भोज आदि गांव में पहुंचे। बाढ़ का जायजा लिया और ग्रामीणों को सतर्क किया। अधिक जलभराव वाले स्थानों पर ग्रामीणों की सुविधा के लिए नाव उपलब्ध कराई गई। एसडीएम महिपाल सिंह ने बताया कि बाढ़ चौकियों को अलर्ट किया गया है। जहां पानी पहुंच रहा है वहां से सामान को घरों से निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है। ग्रामीणों के सहयोग से राजस्व टीम लगातार काम कर रही है। स्थिति पर नियमित नजर रखी जा रही है। संवाद
मंडी समिति में जलभराव को दूर करने के लिए नाला खुदवाने के निर्देश
पीलीभीत। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह से नवीन मण्डी पहुंचकर जलभराव की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उपस्थित व्यापारियों द्वारा मंडी में अत्यधिक जलभराव के कारण माल नुकसान हो व जल निकासी न होने की समस्या बताई। उन्होंने अवगत कराया कि कार्यदायी संस्था द्वारा नाला निर्माण नहीं कराया गया। जिलाधिकारी ने समस्या का संज्ञान लेते हुए निर्माणाधीन ओवरब्रिज के नीचे जल निकासी के लिए नाला खुदवाए जाने के लिए कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए। संवाद
कलीनगर के नौजल्हा क्षेत्र में घरों में भरा बाढ़ का पानी। स्रोत ग्रामीण
कलीनगर के नौजल्हा क्षेत्र में घरों में भरा बाढ़ का पानी। स्रोत ग्रामीण