सोमवार को शहर के एक निजी स्कूल के बच्चों ने डीआईओएस और डीएम से की शिकायत
पीलीभीत। बोर्ड परीक्षा नजदीक आते ही स्कूल प्रबंधन की ओर से विद्यार्थियों पर फीस जमा करने को लेकर दबाव बनाया जाने लगा है। हालांकि इस संबंध में जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने चेतावनी भी जारी की है। इसके बावजूद विद्यार्थियों से फीस जमा न करने पर प्रवेश पत्र रोकने और परीक्षा से वंचित करने की धमकी भी दी जा रही है। सोमवार को इस संबंध में कई शिकायतें भी हुईं।
शहर के एक निजी शिक्षण संस्थान पर कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा से ठीक पहले प्रवेश पत्र देने के नाम पर पांच हजार रुपये प्रति छात्र अवैध वसूली का आरोप लगा है। इस संबंध में छात्रों ने जिला विद्यालय निरीक्षक को शिकायती पत्र सौंपा है। छात्रों ने मामले की शिकायत डीएम से भी की है। शिकायत में कहा गया कि परीक्षा 18 फरवरी से शुरू होनी है, लेकिन स्कूल प्रबंधन की ओर से पांच हजार रुपये न देने पर छात्रों को प्रवेश पत्र न देने और परीक्षा में बैठने से रोकने की बात कही जा रही है। छात्रों ने प्रवेश पत्र दिलाने की मांग की है।
फीस जमा न होने पर परीक्षा से किया वंचित
घुंघचाई। गांव दिलावरपुर निवासी जमुना प्रसाद ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र भेजा है। इसमें बताया कि उनका भतीजा प्रियांशु कक्षा तीन का छात्र है। वह घुंघचाई स्थित एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ता है। भतीजे के पिता की मौत हो चुकी है। उसकी मां के पास आय का कोई साधन नहीं है। छात्र की मां ने मजदूरी करके दो बार में फीस के 24 हजार रुपये जमा कर दिए। अभी छह हजार रुपये फीस बकाया है। छात्र की मां ने बकाया फीस को जल्द ही जमा करने की बात कही। आरोप है कि छात्र को स्कूल से बाहर कर परीक्षा से वंचित कर दिया गया। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की कि किसी माध्यम से आर्थिक सहायता प्रदान कर स्कूल प्रबंधन को आदेशित कर दें कि छात्र को परीक्षा में शामिल कर लिया जाए।
फीस जमा न होने पर बोर्ड परीक्षा में रोका तो होगी कार्रवाई: डीएम
पीलीभीत। फीस जमा न होने पर बोर्ड परीक्षा में रोकने पर संबंधित के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने सभी प्रधानाचार्य और व्यवस्थापकों को निर्देश जारी किए है। इसमें कहा है कि किसी छात्र-छात्रा की फीस जमा न होने पर उसे बोर्ड परीक्षा देने से नहीं रोका जाएगा। किसी परीक्षार्थी को परीक्षा से रोकने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सभी परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र दिलाए जाने की जिम्मेदारी प्रधानाचार्य व केंद्र व्यवस्थापक की होगी। संवाद