दियूनी डाम में मछलियों का शिकार धड़ल्ले से किया जा रहा है। नियमों को ताक पर रखकर ठेकेदार रोजाना कई क्विंटल मछली निकालकर बेचने के लिए बाहर भेज रहे हैं। प्रशासनिक अफसर इधर से गुजरते तो है, नजारा भी देखते हैं लेकिन कार्रवाई करने के बजाए नजरें फेर ली जाती हैं। इससे अवैध तरीके से मछलियों का शिकार करने वालों के हौसले बुलंद हैं। छोटे कर्मचारियों के मना करने पर उनको अपने रसूख का हवाला देकर शांत करा दिया जाता है।
वैसे तो दियूनी डाम में मछलियों केे शिकार का ठेका होता है लेकिन बरसात में मछलियों के शिकार पर रोक रहती है। दरअसल यह वक्त मछलियों के प्रजनन और उनके विकास का होता है। ठेकेदारों को इस बार भी सितंबर तक डैम में मछलियों का शिकार न करने के आदेश दिए गए थे लेकिन मिलीभगत के चलते सारे नियम और कायदे सिर्फ कागजों में ही पूरे किए जा रहे हैं। रोजाना ठेकेदार की लेबर दियूनी डैम से सैकड़ों जाल बिछाकर मछलियों का शिकार कर रही है। यही नहीं आसपास के मछुआरों को भी लालच देकर अपने साथ लगा लिया है। प्रशासनिक अमले की ओर से दिए गए निर्देश ठेकेदार के रसूख के आगे दम तोड़ रहे हैं। इस पर कोई निगरानी और कार्रवाई करने वाला नहीं है। सिर्फ लापरवाही बरती जा रही है। यहां से मछलियों को प्रतिदिन डिब्बों में पैक कर बाहरी जनपदों और उत्तराखंड की मंडी में भेजा जा रहा है।