पति की मौत के बाद से डिप्रेशन में चल रही महिला ने खुद को कमरे में बंद कर आग लगा ली। चीख-पुकार सुनकर पहुंचे घरवालों ने दरवाजा तोड़कर उसको बाहर निकाला। जिला अस्पताल में डाक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया।
बरखेड़ा थाना क्षेत्र के काहरान गांव की रहने वाली 35 वर्षीय गीता देवी की शादी 15 साल पहले पूरनपुर के मकरंदापुर गांव नविासी सुरेंद्र सिंह से हुई थी। जिससे उसको दो बच्चे प्रशांत (12), प्रियांशु (9) है। आठ साल पहले पति की मौत हो गई थी। जिसके बाद से महिला अपने मायके आकर भाई लोकेश उर्फ पवन के साथ रहने लगी। पति की मौत के बाद से उसका मानसिक संतुलन ठीक नहीं चल रहा था। घर वालों के अनुसार आए दिन महिला घर से गायब हो जाया करती थी। उसको तलाश कर बमुश्किल कई बार वापस लाए थे। बीमारी से तंग आकर शनिवार को महिला ने आत्मघाती कदम उठा लिया। बैठक बंद कर महिला ने केरोसिन छिड़ककर खुद को आग लगा ली। चीख-पुकार सुनकर महिला के घरवाले और कस्बे के तमाम लोग मौके पर पहुंच गए। जिसके बाद कमरे का दरवाजा तोड़कर भीतर घुसे और आग बुझाई, लेकिन तब तक महिला काफी झुलस गई थी। घर वाले मैजिक से महिला को लेकर सीधे जिला अस्पताल इलाज के लिए लेकर आए। यहां डाक्टरों ने उसको मृत घोषित कर दिया। महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल प्रशासन ने मोर्चरी में रखवा दिया है।