पूरनपुर। बरूआ कुठारा स्कूल के फैजुल्लागंज में विलय होने से अभिभावक अपने बच्चों की आगे की शिक्षा को लेकर चिंतित है। डेढ़ किलोमीटर से अधिक जंगल से सटे रास्ते से बच्चों को स्कूल भेजने में जोखिम है। जंगली जानवरों की चहलकदमी भी रास्ते के समीप रहती है। सड़क किनारे झाड़ियां और घने पेड़ हैं।
ब्लाॅक क्षेत्र के 50 छात्र संख्या से कम वाले 105 स्कूलों का दूसरे स्कूलों में विलय करने की सूची तैयार की गई है। इसमें से 36 स्कूलों का विलय भी कर दिया गया। ग्राम पंचायत मैनी गुलड़िया के गांव बरूआ कुठारा के स्कूल को गांव फैजुल्लागंज के स्कूल में विलय किया गया है।
बरूआ कुठारा से फैजुल्लागंज की दूरी करीब डेढ़ किलोमीटर है। दोनों गांवों के आवागमन का रास्ता तो ठीक है। मगर रास्ते के किनारे बड़ी झाड़ियां और घने पेड़ है। जंगल से सटा इलाका होने के चलते अक्सर वन्य जीवों की चहलकदमी रहती है। ऐसे में छोटे बच्चे स्कूल कैसे जाएंगे इसको लेकर अभिभावक चिंतित और बच्चे उदास हैं।
प्रधान के पति दिलबाग सिंह ने बताया कि स्कूल विलय के विरोध में बुधवार को एसडीएम कलीनगर को ज्ञापन दिया गया। पूरनपुर पहुंचकर खंड शिक्षा अधिकारी और विधायक कार्यालय में ज्ञापन देकर बंद किए गए गांव बरूआ कुठारा के स्कूल को खुलवाने की मांग की गई। उन्होंने बताया कि बरूआ कुठारा का स्कूल न खुलने पर गांव के बच्चों की आगे की शिक्षा को लेकर अभिभावकों को असुविधा होगी।
अभिभावकों और बच्चों ने जताया विरोध, राजनीतिक दलों ने सौंपा ज्ञापन
पीलीभीत/बीसलपुर। परिषदीय स्कूलों के विलय का विरोध तेज हो गया है। अभिभावकों और बच्चे स्कूल गेट पर प्रदर्शन कर रहे हैं। आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और आजाद समाज पार्टी भी विरोध में उतर आई है। किसान संगठन और प्रधान भी स्कूलों के विलय का विरोध कर रहे हैं।
बृहस्पतिवार को बीसलपुर क्षेत्र के गांव टिकरी माफी के अभिभावकों और बच्चों ने स्कूलों के विलय के विरोध में विद्यालय के द्वार पर बेसिक शिक्षा विभाग का विरोध किया। अभिभावकों का कहना था कि उनके गांव का विद्यालय गलत तरीके से बंद किया गया है। गांव के बच्चों को जोगीठेर प्राथमिक विद्यालय से संबद्ध किया गया है।
जोगीठेर जाने के लिए बच्चों को हाईवे से होकर गुजरना पड़ेगा। अभिभावकों ने बच्चों को दूसरे विद्यालय में भेजने से इन्कार किया। विरोध करने वालों में मुन्नालाल, शकील अहमद, कालीचरण, लालता प्रसाद, कल्लू राम, बाबूराम आदि शामिल रहे।
उधर, भगवंतपुर करोड़ गांव के अभिभावकों ने भी गांव के प्राथमिक विद्यालय के गेट पर विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी की। विद्यालय को अभयपुर विद्यालय से संबद्ध किया गया है। अभयपुर गांव काफी दूर है। रास्ता भी काफी सुनसान है। रास्ते में काफी छुट्टा पशु भी हैं। इससे बच्चों को खतरा रहेगा। ग्रामीणों ने विद्यालय का संचालन न होने पर बेमियादी धरने की चेतावनी दी। प्रदर्शन करने वालों में रामनिवास, धर्मपाल, कृपाल चंद्र, मुन्नालाल, श्रीकृष्ण शर्मा, पप्पू शर्मा, देवेश सिंह, कैलाश चंद्र, भोला सिंह और नन्हेलाल आदि शामिल रहे।
शिक्षकों ने बीसलपुर विधायक को सौंपा ज्ञापन
पीलीभीत। प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने प्रान्तीय आह्वान पर स्कूलों के विलय और बच्चों की 100 से कम संख्या होने पर प्रधानाध्यापकों के पद समाप्त करने के विरोध में बृहस्पतिवार को बीसलपुर विधायक विवेक वर्मा को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष दयाशंकर के नेतृत्व में दिया गया। शिक्षक आठ जुलाई को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर धरना देंगे। इसके बाद डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा जाएगा। संवाद
विलय व्यवस्था पर कांग्रेसियों ने उठाए सवाल
पीलीभीत। स्कूलों के विलय व्यवस्था को लेकर कांग्रेसियों ने सवाल भी खड़े किए। बृहस्पतिवार को जुलूस के रूप में कलक्ट्रेट पहुंचकर राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन अफसरों को सौंपा। जिलाध्यक्ष हरप्रीत सिंह चब्बा का कहना है कि देश में आबादी बढ़ रही है और विद्यालयों को बंद किया जा रहा है। ऐसे में यह माना जाए कि प्राइवेट स्कूलों की व्यवस्था अच्छी है। उन्होंने कहा कि विद्यालय को बंद करने के बाद सरकार को व्यवस्थाओं को बेहतर करने पर ध्यान देना चाहिए। स्कूल बंद होने से बच्चे शिक्षा से दूर होंगे और बेरोजगारी बढ़ेगी। इस दौरान जिला कोऑर्डिनेटर बलराम गुप्ता के अलावा श्री कृष्ण गंगवार, डॉ. नागेश पाठक, शशि ओम, ईश्वर दयाल पासवान, हेमंत मिश्रा आदि मौजूद रहे। संवाद
आजाद समाज पार्टी ने भी सौंपा ज्ञापन
पीलीभीत। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के पदाधिकारियों ने जिलाध्यक्ष प्रेम गौतम के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पहुंचकर राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। ज्ञापन में प्राथमिक विद्यालयों का विलय बंद किए जाने का विरोध करने के साथ कौशांबी और प्रयागराज में हुई घटनाओं की निष्पक्ष जांच सीबीआई से कराने की मांग की गई। ज्ञापन देने वालों में जिला प्रभारी अब्दुल वहीद खां, रामचंद्र प्रजापति, जिला उपाध्यक्ष इरकान अंसारी, मथुरा प्रसाद पासवान, राजाराम गौतम, चांद मियां, सतीश सागर आदि शामिल रहे। संवाद