पीलीभीत के कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन करते भाकियू कार्यकर्ता।स्रोत:भाकियू
पीलीभीत। गन्ना मूल्य बढ़ोतरी समेत अन्य समस्याओं को लेकर सोमवार को भाकियू अराजनीतिक के नेतृत्व में किसानों ने कलक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट विजय वर्धन तोमर को सौंपा। इस दौरान किसानों ने कहा कि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे लखनऊ कूच करेंगे।
भाकियू अराजनीतिक के जिलाध्यक्ष मंजीत सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान सोमवार को कलक्ट्रेट परिसर में एकत्र हुए। पंचायत के बाद प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि चालू सत्र 2024-25 में गन्ना मूल्य 450 रुपये प्रति क्विंटल वृद्धि को लेकर मांग की जा रही है।
इसके अलावा बजाज हिन्दुस्तान चीनी मिल बरखेड़ा से गन्ना किसानों का बकाया भुगतान अविलंब कराने की मांग की गई। इसके साथ ही टाइगर रिजर्व के जंगल की सीमा पर जाल और तार फेंसिंग कराने, जनपद में डीएपी व एनपीए को पारदर्शिता के साथ किसानों को उपलब्ध कराने की मांग की गई।
किसानों की मांग थी कि कलीनगर के सिमरा गांव में सीलिंग की जमीन पर अवैध कब्जे तुरंत हटाए जाएं। पंचायत में किसानों के साथ अभद्रता करने वाले अपर जिलाधिकारी और कोतवाल को हटाने की मांग भी रखी गई। इस दौरान जिला प्रभारी दिनेश कुमार, तहसील अध्यक्ष विक्रम जीत सिंह, रेशमा वर्मा, हरिराम, राजेंद्र प्रसाद, शौकीन शाह समेत कई किसान मौजूद रहे।
कृषि अधिकारी कार्यालय का किया घेराव, अफसरों से हुई नोकझोंक
किसानों ने पंचायत के बाद खाद की किल्लत और कालाबाजारी करने वाले दुकानदारों पर ठोस कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए कृषि अधिकारी के कार्यालय का भी घेराव किया। समस्याओं को लेकर कृषि अधिकारी से बात की। सिटी मजिस्ट्रेट को समस्याओं के बारे में बताया। किसानों का आरोप है कि नकली खाद को पकड़ने के बाद अफसर एफआईआर कराने तक से बच रहे हैं। जबकि संबंधित दुकानदार का लाइसेंस भी निरस्त होना चाहिए। इस दौरान किसान नेताओं की अफसरों से नोकझोंक भी हुई।