पंजाब प्रांत के कोटकपुरा गांव में गुरुद्वारे से धार्मिक ग्रंथ की बेअदबी के विरोध में वहां धरना दे रहे सिख संगत पर गोली चलाने के विरोध में सिखों ने जिला मुख्यालय व पूरनपुर में धरना प्रदर्शन किया। बाद में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपकर आरोपियों की गिरफ्तारी व संपूर्ण मामले की निष्पक्ष जांच स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग की। तराई सिख सभा की अगुवाई में जिला मुख्यालय पर दिए धरने में सिखों ने दिवाली न मनाने का भी निर्णय लिया।
तराई सिख महासभा की अगुवाई में शहर व आसपास के सिख सुबह नेहरू पार्क में एकत्र हुए और धरना शुरू कर दिया। यहां हुई सभा में वक्ताओं ने पंजाब की घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए दोषियों को कड़ी सजा दिए जाने की मांग की। कहा कि इस घटना से सिख पंथ को काफी दुख हुआ है। वक्ताओं ने मामले की सीबीआई जांच कराने की भी मांग की।
बाद में सभी ने राष्ट्रपति को संबोधित चार सूत्री ज्ञापन जिला प्रशासन को दिया। इसमें आरोपियों को गिरफ्तार किए जान, घटना में मारे तीन सिखों को शहीद का दर्जा दिए जाने तथा आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किए जाने, परिवार को 50-50 लाख का मुआवजा व घायलों का इलाज कराने और भविष्य में इस तरह की घटना न होने देने की मांग की। ज्ञापन पर कुलवंत सिंह, रनवीर सिंह, सुखवंत सिंह, सुरेंद्र सिंह, रूपा सिंह आदि के हस्ताक्षर थे।
पूरनपुर। गुरुद्वारा श्री सिंह सभा में एकत्र हुए सिखों ने घटना की निंदा की। यहां से जुलूस की शक्ल में एसडीएम कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम ज्ञानेंद्र कुमार सिंह को सौंपा। यहां ज्ञापन देने वालों में बलजीत सिंह खैरा, अजीतपाल सिंह, गुलाब सिंह, अमरजीत सिंह माटा, कुलवंत सिंह, जागीर सिंह, हरविंदर सिंह सन्नी, राजविंदर सिंह, पलविंदर सिंह मावी, कुलविंदर सिंह आदि थे।