शासन से जिले में नियुक्त किए गए 24 ग्राम पंचायत अधिकारियों को आखिरकार गांव में तैनाती मिल गई। नए ग्राम पंचायत अधिकारियों की तैनाती के साथ ही पूर्व में तैनात कई ग्रापं अधिकारियों के क्षेत्रों में बदलाव एवं ग्राम पंचायतों की संख्या में कटौती की गई है। विधानसभा चुनाव से पूर्व ही शासन ने अधीनस्थ चयन आयोग के माध्यम से चयनित 30 ग्राम पंचायत अधिकारियों को जिले में नियुक्त किया था। लेकिन इसमें से मात्र 24 (जिसमें छह महिलाएं भी हैं) ने ही डीपीआरओ कार्यालय पहुंचकर ज्वाइनिंग की। चुनाव के चलते इन नवनियुक्त ग्राम पंचायत अधिकारियों को तैनाती नहीं मिल सकी थी। चुनाव संपन्न होने के बाद डीपीआरओ शशिकांत पांडेय ने डीएम के अनुमोदन पर सभी 24 ग्राम पंचायत अधिकारियों को अलग अलग ब्लाक की ग्राम पंचायत आवंटित कर दीं। इसमें मरौरी, ललौरीखेड़ा, अमरिया व बीसलपुर में चार, बरखेड़ा में तीन और बिलसंडा व पूरनपुर में दो और माधोटांडा ब्लाक में एक को नियुक्ति मिली है। छह महिलाओं में तीन को मरौरी और तीन को ललौरीखेड़ा ब्लाक के गांव आवंटित किए गए हैं।
कई के गांव और न्याय पंचायत बदले
नवनियुक्त ग्राम पंचायत अधिकारियों की तैनाती के लिए पूर्व में हुए आवंटन में बदलाव किया गया है। अमरिया ब्लाक के टांडा बिजैसी गांव से प्रेमशंकर, माधोटांडा के जमुनिया गांव से ओमप्रकाश वाल्मीकि को हटाया गया। वहीं विभिन्न ब्लाकों में 12 से लेकर 29 ग्राम पंचायतें संभाल रहे ग्राम पंचायत अधिकारियों से भी पंचायतें वापस ले ली गई हैं। मरौरी ब्लाक के भगवानदास को 29 और मेवा को 18 ग्राम पंचायतों के स्थान पर आठ आठ ग्राम पंचायतें मिली हैं। इसी प्रकार अमरिया के पंकज शर्मा को 12 के स्थान पर मात्र छह पंचायते आवंटित की गई है। ललौरीखेड़ा के रामप्रकाश को 18 की जगह छह, रमावीर को 11 की जगह नौ और नुरूद्दीन को 14 की जगह सात ग्राम पंचायतें दी गई हैं। आर्येन्द्र गंगवार को टोडरपुर न्याय पंचायत से हटाकर अमरिया भेजा गया है। बीसलपुर में राजेश गौतम को 14 की जगह सात, अवनीश दीक्षित को 19 की जगह छह, नागेंद्र को 13 की पांच पंचायतें मिली है। बिलसंडा के तौलेराम को 12 की जगह छह पंचायतें दी गई हैं।