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Pilibhit News: हाईवे पर जानलेवा गड्ढे, कागजों पर मरम्मत के दावे

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शहर से सटे इलाके में पीलीभीत-टनकपुर हाईवे पर गड्ढे से बचकर गुजरता वाहन। संवाद
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पीलीभीत। जनपद में तीन हाईवे की बदहाल स्थिति लोगों की जान पर भारी पड़ने लगी है। पीलीभीत-बरेली, पीलीभीत-टनकपुर और हरिद्वार हाईवे पर जगह-जगह गहरे गड्ढे आए दिन हादसों का कारण बन रहे हैं। जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठकों में सड़कों को गड्ढामुक्त करने के दावे तो किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से बिल्कुल उलट नजर आ रही है। जिम्मेदार विभाग कागजों में मरम्मत दिखाकर औपचारिकताएं पूरी कर रहे हैं, जबकि सड़कों की हालत लगातार खराब होती जा रही है।
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रविवार को हाईवे को गड्ढामुक्त करने के दावों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए जब जमीनी स्तर पर पड़ताल की गई, तो तस्वीर बेहद चिंताजनक सामने आई। पीलीभीत-बरेली, पीलीभीत-टनकपुर और हरिद्वार मार्ग पर सफर के दौरान कई स्थानों पर गहरे गड्ढे दिखे। वाहन चालकों को बार-बार रफ्तार कम करनी पड़ी, जबकि दोपहिया सवारों के लिए संतुलन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण दिखा। सबसे अधिक खराब स्थिति बरेली-हरिद्वार नेशनल हाईवे की मिली। एक किलोमीटर दायरे में 183 गहरे गड्ढे दिखाई दिए। पीलीभीत- बरेली हाईवे पर तीन किमी के दायरे में 22 गड्ढे और पीलीभीत-टनकपुर हाईवे पर पांच किमी के दायरे में छह से सात गड्ढे दिखाई दिए। संवाद

हरिद्वार नेशनल हाईवे : एक किमी दायरे की स्थिति ज्यादा खराब
बरेली-हरिद्वार नेशनल हाईवे पर अमरिया थाना क्षेत्र में गुरु तेग बहादुर इंटर कॉलेज से दबका गौंटिया तक करीब एक किलोमीटर के दायरे में हाईवे की स्थिति परखी गई। इस एक किलोमीटर दायरे में 183 गड्ढे दिखाई दिए। यह आंकड़ा न केवल सड़क की खराब स्थिति को दर्शाता है, बल्कि मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े करता है। गड्ढों से बचने के प्रयास में कई वाहन चालक अचानक दिशा बदलते दिखे। इससे दुर्घटना की आशंका लगातार बनी रहती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मार्ग पर छोटे-बड़े हादसे आम हो चुके हैं।
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पीलीभीत-टनकपुर हाईवे : पैचवर्क कराने के बाद उभरे गड्ढे
शहर से गुजरने वाले पीलीभीत- टनकपुर नेशनल हाईवे पर हाल ही में पैचवर्क कराया गया। हाईवे की स्थिति परखी गई तो शहर से सटे करीब तीन किलोमीटर के क्षेत्र में कई स्थानों पर दोबारा गड्ढे उभर आए हैं, जो राहगीरों के लिए हादसों का सबब बनते दिखे। बाइक और अन्य वाहन गड्ढों को बचाकर गुजरते दिखाई दिए। कई बार ऐसी स्थिति हादसों का भी सबब बन जाती है। वहीं, शहर के अंदर नेहरू पार्क से बेनहर कॉलेज चौराहा तक कुछ स्थानों पर फुटपाथ भी क्षतिग्रस्त और अव्यवस्थित मिला। इससे अचानक वाहनों के हाईवे से नीचे उतारने की स्थिति में हादसों की आशंका बनती दिखाई दी।

पीलीभीत-बरेली हाईवे : असम चौराहे-ललौरीखेड़ा में छोटे-बड़े गड्ढे
शहर से बरेली जाने वाले नेशनल हाइवे में भी गड्ढों का जोखिम कम नहीं है। बरेली जाने में असम चौराहे से ललौरीखेड़ा ब्लॉक के बीच तकरीबन पांच किलोमीटर में छोटे-बड्ढे 22 गड्ढे हो गए हैं। इन गड्ढों से दो व चार पहिया चालक बचने के लिए कई बार हादसे का शिकार हो जाते हैं। हाईवे पर जहानाबाद मोड़ से पहले, राजिंदर आश्रम के करीब, एसएसबी कैंप के सामने, गैस गोदाम के करीब गड्ढे शामिल हैं।
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एक दिन पूर्व हादसे में तीन की मौत, गड्ढे बने वजह

एक दिन पूर्व ही बरेली-पीलीभीत हाईवे पर जहानाबाद थाना क्षेत्र में ट्रक और इको गाड़ी की टक्कर हो गई। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई थी, जबकि एक घायल हो गया। हादसे की एआरटीओ वीरेंद्र सिंह द्वारा मौके पर पहुंचकर जांच की गई। जांच में हादसा स्थल के निकट दो गड्ढे पाए गए। इन गड्ढों की वजह से दोनों वाहनों के आपस में टकराने की बात सामने आई। एआरटीओ ने अपनी जांच के आधार पर गड्ढों से हादसा होने का जिक्र करते हुए एनएचएआई को नोटिस भेजा।

हरिद्वार नेशनल हाईवे पर 23 मार्च 2026 को दवका गौंटिया के सामने रणजीत सिंह निवासी नवदिया तिरकुनियां नसीर को ट्रक की चपेट में आने से मौत हो गई। गड्ढा बचाने के चलते वाहन का संतुलन बिगड़ने की बात सामने आई थी। इसी क्षेत्र में आठ फरवरी को गांव माधोपुर निवासी मोहम्मद शाकिर की बढ़ेपुरा के पास सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी।

बरेली-पीलीभीत-सीतारगंज हाईवे का निर्माण चल रहा है। जिन स्थानों पर भी हाईवे पर गड्ढे हुए हैं उनको भरवाने का काम भी साथ-साथ चल रहा है। हाईवे निर्माणाधीन होने के कारण कुछ स्थानों पर समस्या आ रही है।- नवरत्न सिंह, परियोजना निदेशक, एनएचएआई

शहर से सटे इलाके में पीलीभीत-टनकपुर हाईवे पर गड्ढे से बचकर गुजरता वाहन। संवाद

शहर से सटे इलाके में पीलीभीत-टनकपुर हाईवे पर गड्ढे से बचकर गुजरता वाहन। संवाद

शहर से सटे इलाके में पीलीभीत-टनकपुर हाईवे पर गड्ढे से बचकर गुजरता वाहन। संवाद

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