पांच सौ व एक हजार के नोट बंद करने की घोषणा भले ही देश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में कारगर साबित हो, लेकिन आम आदमी के लिए यह मुसीबत से कम नहीं है। शुक्रवार को एटीएम खोलने की घोषणा की गई थी, लेकिन शहर में सभी एटीएम बंद रहे।
शहर में स्टेट बैंक के चार एटीएम सहित करीब 30 एटीएम हैं। दो दिन की बंदी के बाद एटीएम खुलने की बात कही गई थी। इसके चलते सुबह से ही लोग एटीएम के चक्कर काटने लगे। ज्यो-ज्यो समय बढ़ता गया, लोगों की बेताबी भी बढ़ती गई, लेकिन सभी एटीएम में पड़े ताले नहीं खुल सके। लोगों ने बैंकों से संपर्क करने का भी प्रयास किया लेकिन सटीक जानकारी नहीं दी गई। सबसे ज्यादा दिक्तत उन लोगों को हुई जो दूर दराज से सिर्फ एटीएम के भरोसे आ गए थे। छतरी चौराहा स्थित पूरनपुर निवासी संजीव कुमार भी एटीएम खुलने का इंतजार करते देखे गए। जरा निवासी रोहन सिंह अपने एक रिश्तेदार को यहां एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराने लाए, लेकिन वह भी मरीज के साथ एटीएम खुलने का इंतजार करते देखे गए। इस बीच कई बार एटीएम खुलने की अफवाह उड़ी तो एटीएम के बाहर लोगों की भीड़ जुटना शुरू हो गई, लेकिन अफवाह की बात सुनकर लोग मायूस हुए।
दोपहर बाद एक एटीएम खुलने से जुटी भीड़
दोपहर बाद टनकपुर हाइवे स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम का शटर उठते ही लोगों की भीड़ जमा होना शुरू हो गई। एक मात्र एटीएम खुलने की जानकारी यहां एटीएम से पैसा निकालने को लेकर जमकर मारामारी रही।
शाम पांच बजे एटीएम खुलने से मिली राहत
दिन भर के इंतजार के बाद शाम पांच बजे से बैंक प्रशासन द्वारा एटीएम में कैश डालने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। एटीएम खुलने की जानकारी मिलते ही भीड़ जुटना शुरू हो गई। अधिकांश एटीएम पर देर शाम तक कतार लगी देखी गई।