पीलीभीत। हाईस्कूल की परीक्षा देने के बाद बेटी ने उच्च कक्षा में पढ़ाई की इच्छा जाहिर की, मगर पिता ने उसका विवाह तय कर दिया। शादी की तारीख 20 अप्रैल तय की गई। मामले की शिकायत पुलिस अधिकारी को मिली तो महिला कल्याण विभाग की टीम बरखेड़ा पहुंची और बाल विवाह रुकवा दिया। परिजनों को ऐसा न करने की हिदायत दी है।
मंगलवार को पुलिस विभाग के अधिकारी को पत्र के माध्यम से सूचना दी गई कि बरखेड़ा कस्बे के एक मोहल्ले में एक व्यक्ति अपनी नाबालिग पुत्री का जबरन विवाह करा रहा है। इस पर जिला प्रोबेशन अधिकारी अनुराग श्याम रस्तोगी ने एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट व महिला कल्याण विभाग की टीम को बरखेड़ा भेजा।
टीम ने थाना पुलिस के साथ व्यक्ति के घर पहुंची। जांच में मामला सही पाया गया। पता चला कि बालिका ने इस वर्ष ही हाईस्कूल की परीक्षा दी है। बालिका अभी और पढ़ना चाहती है, लेकिन उसके माता-पिता उसकी जबरन शादी कर रहे हैं।
शादी को लेकर परिवार में सारी तैयारियां भी पूरी कर ली गई है। बालिका का विवाह 20 अप्रैल को जिला शाहजहांपुर के एक व्यक्ति से कराया जाना है। टीम ने परिजनों को हिदायत देकर बाल विवाह को रुकवाया दिया।
साथ ही बालिका को अग्रिम कार्रवाई के लिए उसके माता-पिता द्वारा बाल कल्याण समिति में बुलाया गया है। जांच टीम में संरक्षण अधिकारी मीनाक्षी पाठक, प्रभारी निरीक्षक थाना एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग गोविंद सिंह, परियोजना समन्वयक निर्वान सिंह, कांस्टेबल भानू प्रताप और सीमा की उपस्थिति रहीं। संवाद