पीलीभीत। तहसील पूरनपुर के एक लेखपाल पर ग्रामीणों ने भ्रष्टाचार के आरोप के आरोप लगाए है। ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए वह मुहर लगाने से लेकर जांच और प्रमाण पत्र बनाने तक हर काम सुविधा शुल्क लिए बिना नहीं करता। लेखपाल के भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतें मिलने के बाद सांसद वरुण गांधी ने डीएम को पत्र लिखकर कार्रवाई करने के लिए कहा है।
सांसद वरुण गांधी ने डीएम को भेजे गए पत्र में बताया कि तहसील पूरनपुर में तैनात दिलावरपुर इलाके का लेखपाल मनमानी और नियम विरुद्ध तरीक से काम करता है। सांसद का कहना है कि किसान सम्मान निधि के आवेदकों से 100 रुपये प्रति व्यक्ति वसूली की जाती है। ऑनलाइन आय प्रमाण पत्र के आवेदनों पर रिपोर्ट लगाने के लिए लेखपाल ने पांच-पांच सौ रुपये ग्रामीणों से सुविधा शुल्क लिया। सरकारी जमीनों पर दबंगों से सांठगांठ कर लेखपाल ने कब्जा करा दिया। किसानों को खसरा खतौनी का इंतखाब देने के लिए 100 रुपये के हिसाब से वसूली करता है। लेखपाल को रुपये न देने वाले का काम नहीं होता। गांवों में गुटबाजी और पार्टीबंदी कराने में भी लेखपाल की भूमिका रहती है। कई किसानों से चकरोड की नाप कराने के एवज में भी लेखपाल ने मोटी रकम की वसूली की। सांसद ने प्रकरण को गंभीरता से लेकर लेखपाल को हटाने और आरोपों की जांच कराकर लेखपाल पर सख्त कार्रवाई करने के लिए कहा है। उधर, डीएम पुलकित खरे ने बताया कि अभी सांसद का कोई पत्र मुझे नहीं मिला है। अगर कोई पत्र मिलता है तो वह जांच कराकर सख्त कार्रवाई करेंगे।