पीलीभीत। गर्मी की शुरूआत होने के साथ ही मरम्मत और फॉल्ट के नाम पर कटौती भी शुरू हो गई। आने वाले समय में मांग बढ़ने पर यह संकट और गहराना तय है। कारण हैं बिजली निगम के अधूरे कार्य।
दो वर्ष बीतने के बाद भी जिले में रिवैंप योजना का काम अधूरा है। बीते साल गर्मी से पहले जर्जर तारों को बदलने और ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि का दावा अब तक कागजों पर ही है। ऐसे में मांग के अनुरूप आपूर्ति ही नहीं हो पाएगी। नतीजतन परेशानी आम उपभोक्ताओं को झेलनी होगी।
शहर में रिवैंप योजना के अंतर्गत काम चल रहा है। इसमें पुराने ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि सहित अन्य काम भी कराए जाने हैं। शहर में लगे कुल 360 ट्रांसफार्मर में 60 से अधिक की क्षमता वृद्धि कराई जानी है।
10 अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाए जाने के साथ ही 250-250 केवीए क्षमता वाले ट्रांसफार्मर भी लगने हैं। अभी तक न तो क्षमता वृद्धि का काम ही पूरा हो सका है और न ही नए ट्रांसफार्मर लगाए जा सके हैं।
गर्मी में तीन गुना तक बढ़ जाती है मांग
गर्मी में शहर की बिजली खपत करीब तीन गुना तक बढ़ जाती है। सामान्य दिनों में जहां बिजली की खपत 10-11 मिलियन यूनिट होती है। वहीं गर्मी का सीजन शुरू होते ही यह खपत 30 मिलियन से ऊपर पहुंच जाती है। खपत बढ़ने के साथ ही कटौती का खेल भी शुरू हो जाता है।
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जर्जर-झूलते तार भी निर्बाध आपूर्ति में बाधा
शहर के अधिकांश मोहल्लों में लटकते-झूलते तार भी कटौती की वजह बन रहे है। कई मोहल्लों में तार इतना नीचे झूल रहे हैं कि इनके आपस में टकराने की वजह से फॉल्ट हो जाते हैं। जर्जर तार टूटने के मामले भी आए दिन सामने आते हैं।
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फोटो: 16
जर्जर खंभों व तारों की वजह से आए दिन फॉल्ट होते हैं। इस वजह से कटौती सबसे ज्यादा होती है। विभाग को इस ओर ध्यान देना चाहिए। - अनीस खां, मोहल्ला डोरीलाल
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आए दिन होने वाले फॉल्ट मुसीबत बने हुए हैं। बिजली कटौती की स्थिति में सुधार नहीं हो पा रहा। सुधार के कार्य भी धीमें हैं। - राजीव सक्सेना, मोहल्ला खकरा
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वर्जन:
बिजली कटौती न हो इसको लेकर काम कराया जा रहा है। जो काम अधूरे है उनको प्राथमिकता के आधार पर समय से पूरा कराया जाएगा। - राजीव शर्मा, अधीक्षण अभियंता
शहर के जमुनी चौराहा पर बिजली खंभे पर तारों का मकड़जाल।संवाद
शहर के जमुनी चौराहा पर बिजली खंभे पर तारों का मकड़जाल।संवाद
शहर के जमुनी चौराहा पर बिजली खंभे पर तारों का मकड़जाल।संवाद