शारदा नदी के धनाराघाट पर साधु संतों के कल्पवास को लेकर आश्रम बनाने को छाए जा रहे छप्पर- संत बाब
- फोटो : कथा सुनाते प्रणवपुरी महाराज। स्रोत: आयोजक
पूरनपुर। माघ माह की शुरूआत को अभी सात दिन है। शारदा नदी के धनाराघाट पर माघ महीने में बसने वाली रमनगरिया की तैयारी संतों ने शुरू कर दी है। यहां संत एक महीने तक कल्पवास करते हैं। पूरे महीने शारदा नदी के तट पर भक्तिमय माहौल रहता है। भोर होते ही हर-हर गंगे का जयघोष होता है। शाम को भक्तिमय माहौल में लोग रम जाते हैं। इस बार कल्पवास तीन जनवरी से शुरू होगा। इसकी तैयारी शुरू कर दी है। साथ ही संतों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। अब तक सात महात्मा नदी घाट पर कल्पवास के लिए पहुंच चुके हैं। नदी घाट पर पूरे महीने रहने के लिए झोपड़ियों को डालने का काम शुरू हो गया है।
शारदा नदी के धनाराघाट पर एक महीने के कल्पवास के लिए संतों के पहुंचने का सिलसिला दो दिन पहले शुरू हो चुका है। अब तक सात महात्मा कल्पवास के लिए पहुंच चुके हैं। बाबा राघवदास ने बताया कि कल्पवास को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। घाट की साफ-सफाई के बाद अलग-अलग संत महात्माओं के आश्रम बनवाने को लेकर झोपड़ियां डलवाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि पिछले साल आठ महंतों के आश्रम बने थे। इस बार अब तक सात महात्मा कल्पवास के लिए पहुंच गए हैं। अभी संत महात्माओं के कल्पवास को आने का क्रम जारी है। बताया कि कल्पवास के दौरान नदी तट पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए प्रत्येक आश्रम में चार से नौ झोपड़ियां डलवाईं जाएंगी। श्रद्धालुओं के नहाने, महिला श्रद्धालुओं के कपड़े बदलने की व्यवस्था की होगी। तट के समीप गंदगी न हो। इसके लिए अस्थायी शौचालय का वाहन खड़ा कराया जाएगा। प्रकाश व्यवस्था के लिए जनरेटर की सुविधा रहेगी।