बीसलपुर/पीलीभीत। रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) ने पीलीभीत से बीसलपुर तक आमान परिवर्तन के काम का निरीक्षण मंगलवार को पूरा कर लिया। 37 किलामीेटर के इस रूट पर भोपतपुर में एक प्वाइंट पर पटरी टेड़ी होने के कारण फटकार लगाई गई, मगर बाकी कोई बड़ी कमी न मिलने से उम्मीद जागी है कि मार्च से इस रूट पर ट्रेन दौड़ना शुरू हो जाएंगी।
शाहजहांपुर रूट पर 30 मई 2018 को मीटरगेज की ट्रेनों का संचालन बंद होने के बाद आमान परिवर्तन का काम शुरू हुआ था। कुल 427 करोड़ से 84 किलोमीटर पर ब्रॉडगेज का काम हुआ है। यह काम शुरू में काफी धीमी गति से चला, लेकिन बाद में रेल प्रशासन ने बीसलपुर तक 37 किलोमीटर हिस्से में ट्रेन चलाने की कवायद तेज कर दी। इसी हिस्से का सीआरएस निरीक्षण करने सोमवार को पहुंचे थे। सोमवार को पीलीभीत से भोपतपुर तक निरीक्षण किया था। पहले दिन खासतौर से उन्होंने असम हाईवे के पुल की ऊंचाई और चौड़ाई कम होने पर भविष्य में दिक्कत सामने आने की बात कही थी।
मंगलवार को सीआरएस सुबह करीब 09:45 बजे स्पेशल ट्रेन से भोपतपुर पहुंचे। वहीं पर प्वाइंट नंबर 207 ए का गहनता से निरीक्षण किया। इस दौरान प्वाइंट की पटरियों में टेड़ापन मिलने पर उन्होंने माप कराई। मेन लाइन के मुख्य प्वाइंट में कमी मिलने पर उन्होंने अधिकारियों की फटकार भी लगाई और दोबारा काम दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। इसके बाद काफिले के साथ आगे निकल गए। रास्ते में उन्होंने अंडरपास, क्रॉसिंग, पुल, हाल्ट का निरीक्षण किया। दोपहर 02:50 बजे बीसलपुर पहुंचे। यहां करीब दो घंटे पैनल रूम, रिले कक्ष आदि का निरीक्षण किया। अधिकारियों से वार्ता करने के बाद स्पीड ट्रायल के लिए शाम 05.02 बजे स्टेशन मास्टर पीके चतुर्वेदी ने सीआरएस स्पेशल को ग्रीन सिग्नल दिया। 110 की स्पीड से ट्रेन 28 मिनट में पीलीभीत जंक्शन पहुंच गई। इसके बाद इज्जतनगर के लिए रवाना हो गए।
पटरी के नीचे देखी पत्थर की गहराई
निरीक्षण के दौरान सीआरएस को एक जगह पटरी के नीचे कम पत्थर पड़े होने का शक हुआ। उन्होंने तत्काल मोटर ट्रॉलियों को रुकवाया और अधिकारी से पत्थर की गहराई चेक कराई। पत्थर सिर्फ 37 एमएम के मिले, जबकि मानक के अनुरूप कम से कम 150 एमएम होना चाहिए। इसका सुधार करने का निर्देश दिया।
सीआरएस को ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन
सीआरएस का काफिला शेरगंज हाल्ट पर रुका। पहले से ही मौजूद कई ग्रामीणों ने अंडरपास की समस्या को लेकर सीआरएस को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मौजूद अधिकारियों से इस समस्या को जल्द हल कराने के निर्देश दिए और ग्रामीणों को आश्वास्त किया।
पूजन के बाद चलाई ट्रायल स्पेशल
मोटर ट्रॉली से भोपतपुर और बीसलपुर के बीच 17 किलोमीटर का निरीक्षण करने के बाद बीसलपुर स्टेशन का निरीक्षण किया। फिर स्पीड ट्रायल की बारी आई। बरेली से आए आचार्य रामचंद्र भारद्वाज ने विधि-विधान से पूजा अर्चना कराई। पहले डीआरएम ने नारियल फोड़ा। इसके बाद अन्य अधिकारी से पूजा अर्चना करने के बाद नारियल तोड़े, इसके बाद ट्रेन रवाना हुई।
खाने के दौरान ठेकेदार से भिड़े पुलिस कर्मी
सीआरएस निरीक्षण के दौरान ठेकेदार द्वारा खाने की व्यवस्था की गई। खाना शुरू होते ही कर्मचारी और कुछ अन्य लोग पंडाल में घुस गए। इससे खाना खत्म हो गया। कोतवाली पुलिस भी आ गई। ठेकेदार ने खाना खत्म होने की बात कही। इसके बाद एक सिपाही ठेकेदार से भिड़ गया। बाद में अन्य पुलिस कर्मियों के समझाने पर मामला शांत कराया जा सका।
दो दिन के निरीक्षण में व्यवस्थाएं करीब ठीक मिली हैं। कुछ खामियां मिलीं, उन्हें पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। असम हाईवे का पुल ट्रेन चलाने के लिए सही है। रेलवे लाइन से गुजरने के लिए रास्ते धीरे-धीरे बाद में बना दिए जाते हैं, जिसमें अंडरपास भी शामिल रहते हैं। - दिनेश कुमार सिंह, मंडल रेल प्रबंधक,इज्जतनगर मंडल