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Pilibhit News: देवहा नदी के कुंड में उतराता मिला बुजुर्ग किसान का शव, मगरमच्छों ने बनाया निवाला

Sat, 23 Mar 2024 06:40 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत

सार

पीलीभीत के अमरिया क्षेत्र में शुक्रवार शाम फसल की रखवाली करने गए किसान का शव नदी में उतराता मिला। शव के आसपास मगरमच्छ तैर रहे थे। मगरमच्छों ने शव को क्षत-विक्षत कर दिया था। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि मगरमच्छ के हमले से किसान की मौत हुई है। 
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मृतक किसान का फाइल फोटो, नदी किनारे मगरमच्छ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पीलीभीत के अमरिया क्षेत्र में एक दिन पहले फसल की रखवाली के लिए खेत पर गए 70 वर्षीय किसान रामभरोसे का शव शनिवार को देवहा नदी के कुंड के पानी में उतराता मिला। पास ही दो मगरमच्छ घूम रहे थे। ग्रामीणों ने मगरमच्छ के हमले से किसान की मौत होने की आशंका जताई है। इसकी सूचना पुलिस और वन विभाग को दी गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। हालांकि वन विभाग अभी मगरमच्छ के हमले में वृद्ध की मौत की पुष्टि नहीं कर रहा है।

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थाना सुनगढ़ी के गांव भंगा मोहम्मदगंज निवासी रामभरोसे शुक्रवार की शाम करीब छह बजे देवहा नदी के किनारे अपने खेत पर पापुलर की नर्सरी की देखभाल करने गए थे। देर रात तक घर न लौटने पर पुत्रवधू ने पास-पड़ोसियों को जानकारी दी। पड़ोसियों ने रात में कई स्थानों पर रामभरोसे की तलाश की, लेकिन कुछ पता नहीं चला।

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मगरमच्छ ने क्षत-विक्षत किया शव 
शनिवार सुबह 11 बजे देवहा नदी के किनारे गहरे कुंड में रामभरोसे का शव उतराता दिखा। शव के आसपास मगरमच्छ घूम रहे थे। मृतक का बाएं हाथ का पंजा, चेहरा और पैर का पंजा मगरमच्छ ने खा लिया था। घटना की सूचना ग्रामीणों ने परिजनों और पुलिस को दी।

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सूचना पर पहुंची सामाजिक वानिकी की टीम के चेतन कुमार व वन्य जीव प्रभारी सोनी सिंह ने बताया कि मगरमच्छ के हमले में वृद्ध की मौत की पुष्टि अभी नहीं हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता लगेगा कि रामभरोसे की मौत कैसे हुई। उधर, घटनास्थल पर मौजूद ग्रामीणों ने नदी में दो-तीन मगरमच्छ देख जाने की बात कही है।

दूसरे शहरों में मेहनत-मजदूरी करते हैं मृतक के पुत्र
मृतक रामभरोसे के छत्रपाल, रामगोपाल व प्रेम पाल तीन पुत्र है। दो बेटे अपने बच्चों के साथ गुजरात और राजस्थान में रहकर मेहनत-मजदूरी करते हैंं। बेटा रामगोपाल हल्द्वानी में काम करता है। उसकी पत्नी व बच्चे गांव में रहते हैं। रामभरोसे भी इनके साथ रहते थे। बुजुर्ग की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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