झील में मगरमच्छ का रेस्क्यू करती सामाजिक वानिकी की टीम।
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गोमती उद्गम स्थल की उत्तरी झील में कई दिनों से मौजूद मगरमच्छ को आखिरकार रविवार को सामाजिक वानिकी की टीम ने पकड़ लिया। करीब दो घंटे तक चले रेस्क्यू के बाद वनकर्मी मगरमच्छ को पकड़ सके। इसके बाद वाहन से माला रेंज क्षेत्र ले जाकर माला नदी में उसे सुरक्षित छोड़ दिया गया।
गोमती उद्गम स्थल की उत्तरी झील में बरसात के दौरान मगरमच्छ पहुंच गया था। उद्गम स्थल परिसर में घूम रहे श्रद्धालुओं ने मगरमच्छ को देखा तो जानकारी अन्य लोगों को दी। मगरमच्छ की झील में मौजूदगी के चलते श्रद्धालुओं ने झील की ओर जाना बंद कर दिया। दरअसल मुख्य झील के अलावा तीनों झीलों के पानी का निकास मिला हुआ है।
ऐसे में मगरमच्छ के मुख्य झील की ओर आने की भी संभावना बन गई थी। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसकी जानकारी अफसरों को दी गई। एसडीएम संदीप यादव के निर्देश पर पिछले माह सामाजिक वानिकी के डिप्टी रेंजर कपिल कुमार ने तीन दिन तक लगातार रेस्क्यू अभियान चलाया था लेकिन मगरमच्छ पकड़ में नहीं आ सका था।
इधर, रविवार को मगरमच्छ की मौजूदगी देखी गई। इस पर सूचना सामाजिक वानिकी विभाग को दी गई। रेंजर अयूब हसन टीम के साथ उद्गम स्थल पहुंचे। रेंजर अयूब हसन ने बताया कि करीब दो घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाया गया। इसके बाद मगरमच्छ को कब्जे में लेकर माला रेंज क्षेत्र की माला नदी में ले जाकर सुरक्षित छोड़ दिया गया।