थाना माधोटांडा के गांव मैनी गुलड़िया में पड़ी डकैती मामले में पुलिस की लापरवाही उजागर हो रही है। दूधियों की मानें तो घटना से छह दिन पहले से तीन बदमाश रायपुर सिमरा के जंगल में देखे जा रहे थे। जिसकी जानकारी पुलिस को थी, लेकिन पुलिस ने इसे हल्के में लिया। जिससे बदमाश घटना को अंजाम देने में कामयाब रहे।
छह जुलाई की रात असलहाधारी पांच बदमाशों ने गांव मैनी गुलड़िया निवासी कटेश्वर सिंह के घर धावा बोल दिया था। घर वालों को बंधक बनाकर उनकी पिटाई की थी। गृहस्वामी के दो वर्षीय पोते को एक पैर पकड़कर उल्टा टांग दिया था और उसकी गर्दन पर बांका रखकर 1.52 लाख की नगदी समेत पांच लाख के जेवर लूट ले गए थे। क्षेत्र के तमाम लोग प्रतिदिन रायपुर सिमरा जंगल से होते हुए पूरनपुर, माधोटांडा आदि स्थानों के अलावा उत्तराखंड के खटीमा तक दूध ले जाते हैं। दूधियों की मानें तो गांव मैनी गुलड़िया में हुई डकैती से करीब पांच-छह दिन पहले से तीन बदमाश बंदूक और तमंचों के साथ जंगल में देखे गए। इसकी जानकारी पुलिस को भी दी गई थी, लेकिन पुलिस ने सूचना को हल्के में लिया। यदि पुलिस सूचना पर सतर्क हो जाती और गश्त तेज कर धड़पकड़ करती तो शायद बदमाश मैनी गुलड़िया में डकैती की घटना को अंजाम नहीं दे पाते।
छह दिन बाद भी खुलासा करने में पुलिस नाकाम
गांव मैनी गुलड़िया निवासी कटेश्वर सिंह के घर डकैती की घटना को हुए छह दिन बीत गए, लेकिन पुलिस घटना का खुलासा करना तो दूर अभी तक बदमाशों की शिनाख्त भी नहीं कर सकी है। घटना के खुलासे में लगीं पुलिस की दो टीमें गांवों की खाक छान रही हैं। पुलिस अंधेरे में हाथपांव चलाकर क्षेत्र के पुराने और हिस्ट्रशीटरों को पकड़कर घटना का खुलासा करने की जुगत में भिड़ी है। एसओ राजेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस ने आधा दर्ज संदिग्ध लोगों को हिरासत मेंलिया है। जिनसे पूछताछ की जा रही है। अब तक हुई जांच में पुलिस के हाथ ऐसे कोई सबूत नहीं लगे हैं। जिससे पुलिस बदमाशों तक पहुंच सके।