माधोटांडा के गांव मैनीगुलड़िया में आठ जुलाई को एक घर पड़ी डकैती का गिरोह सरगना मुकेशा धीमर दो दिनों से गांव ढक्काचांट और आसपास इलाके में पांच साथियों के साथ घूम रहा है। मुकेशा धीमर गिरोह की चहल कदमी से क्षेत्र के लोग अनहोनी घटना को लेकर दहशत में हैं। सूचना पर गुरुवार रात पुलिस ने दबिश भी दी, लेकिन गिरोह हाथ नहीं लग सके।
माधोटांडा थाना क्षेत्र के गांव मैनीगुलड़िया निवासी वटेश्वर सिंह के घर आठ जुलाई की रात बदमाशों ने धावा बोलकर घरवालों को बंधक बंधक लिया था। साथ ही दो वर्षीय पुत्र सोहन का एक पैर पकड़कर हाथ से उल्टा लटका दिया अैर उसकी गर्दन पर बांका रखकर जान से मारने की धमकी देकर 1.53 लाख रुपये समेत पांच लाख रुपये के जेवर लूट लिए थे। पुलिस ने कुछ दिन बाद क्षेत्र के गांव भगवंतापुर निवासी वेदराम और माधोटांडा थाना क्षेत्र के कटकवारा निवासी ध्यान सिंह को गिरफ्तार कर डकैती की घटना का खुलासा किया था। पुलिस का तर्क था कि दबिश के समय गैंग का सरगना मुकेशा धीमर फरार हो गया। तब से पुलिस मुकेशा धीमर को गिरफ्तार नहीं कर सकी। इधर, गांव ढक्काचांट और आसपास क्षेत्र में दो दिनों से मुकेश धीमर अपने पांच साथियों के साथ घूम रहा है। बृहस्पतिवार को गांव के समीप होने वाली एक दंगल प्रतियोगिता को देखने भी मुकेशा साथियों के साथ जा धमका था। मुकेशा धीमर गिरोह की क्षेत्र में चहल कदमी से गांव के लोग दशहत में है।
सूचना पर रात को पुलिस ने दबिश भी दी, लेकिन गिरोह का सरगना सहित कोई सदस्य पुलिस के हाथ नहीं लग सका। पुलिस का कहना है कि मुकेश शातिर किस्म का अपराधी है। इससे पहले अपहरण, हत्या आदि मामलों में उसे जेल भेजा गया था। गैंगस्टर की भी कार्रवाई उसके खिलाफ हुई।