दलित की बेटी से सामूहिक दुराचार की घटना के मामले में आखिर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली। वहीं मेडिकल रिपोर्ट में किसी भी प्रकार की चोटें के निशान नहीं मिले हैं। बृहस्पतिवार को पीड़िता का एक्सरे होने की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
बरखेड़ा थाना क्षेत्र के एक गांव के व्यक्ति ने बताया कि 21 नवंबर को भंडारे से घर लौट रही उसकी बेटी को तीन युवकों ने दबोच लिया और पड़ोस के एक खंडहर में ले जाकर तीनों ने दुराचार किया। उन्होंने घटना की शिकायत पुलिस से की, लेकिन पुलिस ने मारपीट होना बताकर एनसीआर दर्ज कर ली। मंगलवार को मामला एसपी के संज्ञान में आने पर एसओ ने जिला अस्पताल पहुंचकर पीड़िता का मेडिकल कराया। हालांकि मेडिकल में पीड़िता के शरीर पर किसी भी प्रकार की चोट के कोई नहीं मिले हैं। गंगा स्नान का अवकाश होने के कारण बुधवार को उसका एक्सरे नहीं हो पाया। अब बृहस्पतिवार को एक्सरे कराया जाएगा।
उधर, एसपी की फटकार और अमर उजाला में खबर के प्रमुखता के साथ प्रकाशित होने पर पुलिस ने पीड़िता के साथ गैंगरेप होना मानते हुए तीनों आरोपियों क्रमश: शेरा, हरीशंकर और रमेश के खिलाफ गैंगरेप की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। एसओ सुरेश कुमार सिंह ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर पहले से दर्ज एनसीआर को गैंगरेप के मुकदमे में बदल दिया गया है। बृहस्पतिवार को मेडिकल परीक्षण पूरा होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उधर, तीनों आरोपी गांव से फरार हैं।