निर्माणाधीन मकान का कच्चा लिंटर खोल रहे मजदूर की डूला गिरने से मौत हो गई। इलाज के लिए हल्द्वानी ले जाते वक्त उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। बिल्डिंग स्वामी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिवार वालों ने शिकायत की है। जिस पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मूल रूप से शाहजहांपुर जिले के निगोही क्षेत्र के गौरीखेड़ा गांव का 32 वर्षीय छविनाथ मजदूरी करता है। हाल ही में काम की तलाश में खटीमा आकर परिवार के साथ किराए के मकान में रहने लगा। खटीमा के एक ठेकेदार के साथ वह पिछले तीन दिन से मझोला की निर्माणाधीन बिल्डिंग में मजदूरी करने जा रहा था। बुधवार दोपहर को वह कच्चे लिंटर को खोल रहा था। इस बीच अचानक डूला गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे की सूचना ठेकेदार से मिलने पर परिवार वाले मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद उसे पहले इलाज के लिए खटीमा के रतूड़ी अस्पताल ले जाया गया। यहां हालत गंभीर होने पर उसे हल्द्वानी रेफर कर दिया गया। हल्द्वानी ले जाते वक्त रास्ते में उसकी मौत हो गई। घरवालों का आरोप है कि समय पर इलाज न मिलने के कारण मजदूर की मौत हुई है। यह भी आरोप लगाया कि ठेकेदार ने निर्माणाधीन बिल्डिंग के मालिक से गाड़ी की व्यवस्था करने को कहा था, ताकि समय रहते उसको अस्पताल ले जाया जा सके, जिसमें उन्होंने कोई मदद नहीं की। मृतक का एक छोटा परिवार है। उसकी पत्नी सीमा देवी, दो बच्चे आठ वर्षीय अमित और चार साल की बेटी पारूल है। एसओ दलवीर वर्मा ने बताया कि मौखिक सूचना मिलने पर शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। मजदूर के घरवालों की ओर से अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। लिंटर खोलते वक्त गिरने से मौत बताई गई है।